रांची। बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी को देखने के लिए शनिवार को रांची के रातू रोड में भारी संख्या में फैंस की भीड़ उमड़ पड़ी। इमरान हाशमी एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रातू रोड पहुंचे। उनके आने की खबर मिलते ही सुबह से ही प्रशंसक उनका इंतजार करने लगे थे। निर्धारित समय से देर से पहुंचने के कारण इंतजार कर रहे फैंस की भीड़ लगातार बढ़ती गई।
बताया गया कि इमरान हाशमी को दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच मॉल ऑफ रांची के समीप एक निजी कार्यक्रम में शामिल होना था। हालांकि, वह करीब 5 बजे रातू रोड पहुंचे। अभिनेता की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क, फ्लाईओवर और आसपास के इलाकों में जमा हो गए।

बॉलीवुड अभिनेता इमरान अपने जबरजस्त एक्टिंग के साथ साथ अपने फिल्म सिलेक्शन के लिए भी जाने जाते है। हाल ही में 14 अगस्त 2026 को उनकी फिल्म आवारापन 2 ने बॉक्स ऑफिस में वर्ल्ड वाइड 153 करोड़ की कमाई कर एक हिट फिल्म साबित हुई। इससे पहले वो Bads of Bollywood वेब सीरीज में नजर आये थे और काफी चर्चे में थे।
जान जोखिम में डालकर फैंस करते रहे इंतजार
अभिनेता की एक झलक के इंतजार में फैंस करीब तीन घंटे तक सड़क पर डटे रहे। भीड़ का उत्साह इस कदर था कि कई लोग रातू रोड फ्लाईओवर पर बाइक के ऊपर खड़े होकर नीचे कार्यक्रम स्थल की ओर झांकते नजर आए। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई और करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इससे सड़क पर आम राहगीरों और वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

फैंस की दीवानगी, लेकिन व्यवस्था पर भी उठे सवाल
इमरान हाशमी की लोकप्रियता और उनके प्रति फैंस का उत्साह अपनी जगह है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए। जब किसी लोकप्रिय अभिनेता के निजी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना हो, तो क्या जिला प्रसाशन को इस बात का संकेत नहीं था की फैंस के इस जमावड़े के बीच आम लोगो को परेशानी होगी ? क्या इमरान की सुरक्षा ही है सर्वोपरि? रातु रोड जैसे व्यस्त सड़क पर ऐसे कार्यक्रम की अनुमति पर भी सवाल उठते है ?
सबसे बड़ा सवाल उन आम लोगों की परेशानी को लेकर है, जिन्हें इस जाम के कारण अपने जरूरी कामों के लिए समय पर पहुंचने में दिक्कत हुई। भीड़ में ऐसे लोग भी फंसे, जिन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचना जरूरी था। रांची में बड़े सेलिब्रिटी या वीआईपी के निजी कार्यक्रमों के दौरान अक्सर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना रहती है। ऐसे में कार्यक्रम आयोजकों के साथ-साथ प्रशासन के सामने भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने की अक्सर चुनौती रहती है।
-सागर प्रजापति
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