नेपाल में आई भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नेपाल पुलिस के अनुसार बुधवार को मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1,127 हो गया है। पुलिस के मुताबिक अलग-अलग जिलों से अब तक कुल शव बरामद किए गए हैं, जिनमें रासुवा से 45, नुवाकोट से 155, धाडिंग से 59, चितवन से 348, गोरखा से 66, तनाहुन से 38, नवलपरासी ईस्ट से 217 और नवलपरासी वेस्ट से 190 शव शामिल हैं। इसके अलावा भारत में भी नौ शव बरामद किए गए हैं।
अब तक सिर्फ 95 शवों की हुई पहचान
बरामद किए गए शवों में से अब तक केवल 95 शवों की पहचान की जा सकी है, जिन्हें उनके परिवारों को सौंपा जा चुका है। इससे एक दिन पहले नेपाल के प्रधानमंत्री बालेनद्र शाह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया था कि जिन शवों की पहचान नहीं हो पाई है, उनका प्रबंधन कानून और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के अनुसार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अनपहचाने शवों के डीएनए सैंपल और अन्य सबूत भी सुरक्षित रख रही है, ताकि आगे चलकर उनकी पहचान की जा सके। नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और आर्म्ड पुलिस फोर्स की मदद से शवों को संभालने और परिवारों तक पहुंचाने का काम जारी है।
हाइड्रोपावर साइट्स पर भारत-चीन की रेस्क्यू टीम तैनात
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि भोटे कोशी नदी में आई भयंकर बाढ़ के बाद अहम हाइड्रोपावर साइट्स पर नेपाली सेना के साथ-साथ भारत और चीन की विशेष इंटरनेशनल टनल रेस्क्यू टीमों को भी तैनात किया गया है। मंत्रालय की चौथी प्रेस ब्रीफिंग में प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने बताया कि जमीन के नीचे जोखिम भरे ऑपरेशन के लिए खास अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया जा रहा है। छेत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना, लापता लोगों की तलाश करना, बचे लोगों को राहत पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना है कि नेपाली हों या विदेशी नागरिक, सभी प्रभावितों को उचित सहायता मिले।
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