नंदन पहाड़ के पास SBI का पूरा ATM उखाड़ ले गए थे अपराधी, देवीपुर इलाके में क्षतिग्रस्त मशीन और उसके हिस्से मिले; कई जिलों की पुलिस जांच में जुटी
देवघर के नंदन पहाड़ इलाके में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का पूरा एटीएम उखाड़कर ले जाने वाले अपराधियों की तलाश तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए देवघर पुलिस ने जांच का दायरा झारखंड से बिहार तक बढ़ा दिया है। अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। बिहार के बांका, जमुई और भागलपुर के साथ झारखंड के जामताड़ा, दुमका समेत अन्य जिलों की पुलिस भी जांच में सहयोग कर रही है।
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान करना और उनके भागने के रास्ते का पता लगाना है। जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, संदिग्ध वाहन और घटनास्थल से लेकर मशीन बरामद होने वाले इलाके तक मिले सुरागों को जोड़कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
आधी रात के बाद वारदात, कुछ ही मिनटों में उखाड़ ले गए मशीन
यह वारदात 6 अक्टूबर की अहले सुबह नगर थाना क्षेत्र के नंदन पहाड़ के पास सेवाधाम भवन के समीप हुई थी। यहां लगे SBI के एटीएम को अपराधियों ने निशाना बनाया। शुरुआती जांच और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, अपराधी चारपहिया वाहन से मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने एटीएम कक्ष के शटर को खोलने की कोशिश की और फिर वाहन की मदद से मशीन को उखाड़ लिया।
अपराधियों ने एटीएम को रस्सीनुमा बंधन से वाहन के साथ जोड़कर करीब 500 मीटर तक घसीटा। इसके बाद मशीन को वाहन में लादकर वहां से फरार हो गए। पूरी वारदात को अंजाम देने में अपराधियों को ज्यादा समय नहीं लगा। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, एटीएम से करीब 4.82 लाख रुपये नकद गायब हुए हैं।
देवीपुर इलाके में मिला एटीएम, जांच को मिले अहम सुराग
वारदात के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान चोरी गई एटीएम मशीन देवीपुर थाना क्षेत्र में मिली। मशीन को क्षतिग्रस्त कर उसमें रखी नकदी निकालने के बाद उसे नष्ट करने की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई। बाद में देवीपुर के एम्स रोड के पास रामुडीह-तिलजोरी मोड़ के आसपास से एटीएम का मॉनिटर स्क्रीन भी बरामद किया गया।
मशीन और उसके अलग-अलग हिस्सों की बरामदगी पुलिस के लिए अहम मानी जा रही है। जांच टीम इन स्थानों से मिले साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि अपराधियों ने वारदात के बाद किन रास्तों का इस्तेमाल किया और वे किस दिशा में निकले।
बिहार और झारखंड के जिलों में क्यों चल रही छापेमारी?
पुलिस को आशंका है कि वारदात में शामिल गिरोह देवघर जिले के बाहर का हो सकता है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर किसी की मदद की संभावना को भी जांच से बाहर नहीं रखा गया है। इसी वजह से पुलिस पड़ोसी जिलों के साथ सूचनाएं साझा कर रही है। बांका, जमुई, भागलपुर, जामताड़ा और दुमका जैसे जिलों में संदिग्धों की गतिविधियों तथा पुराने आपराधिक मामलों से जुड़ी जानकारियां खंगाली जा रही हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह का संबंध पहले हुई एटीएम चोरी की घटनाओं से है। जांच में समान तरीके से वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों और संदिग्ध वाहनों की जानकारी का मिलान किया जा रहा है।
CCTV फुटेज और वाहन की पहचान पर नजर
इस पूरे मामले में सीसीटीवी फुटेज जांच की महत्वपूर्ण कड़ी है। फुटेज के जरिए अपराधियों की संख्या, उनके आने-जाने के समय और इस्तेमाल किए गए वाहन के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही, संभावित रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर संदिग्ध वाहन की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश हो रही है।
पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि वारदात की पूरी योजना और गिरोह के नेटवर्क का खुलासा करना भी है। हालांकि, छापेमारी के बाद अब तक कितने संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है या किसी की गिरफ्तारी हुई है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
ATM की सुरक्षा पर भी उठे सवाल
देवघर में पूरी एटीएम मशीन उखाड़कर ले जाने की इस घटना ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। एटीएम कक्ष में सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी, अलार्म सिस्टम, निगरानी कैमरों और मशीन की भौतिक सुरक्षा जैसे पहलुओं की अहमियत एक बार फिर सामने आई है।
फिलहाल पुलिस की जांच कई जिलों में जारी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सीसीटीवी फुटेज, बरामद मशीन के हिस्सों और संदिग्ध वाहन से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस कब तक अपराधियों तक पहुंच पाती है।


