धनबाद। धनबाद में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर हलचल मच गई है। एक तरफ NIA और स्थानीय पुलिस कुख्यात अपराधी प्रिंस खान और उसके नेटवर्क पर शिकंजा कसने में जुटी है, तो दूसरी तरफ उसी के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने का नया मामला सामने आ गया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जानकारी के मुताबिक, अंकुर बायोकेम के मालिक महेंद्र शर्मा के बिजनेस पार्टनर एस. साहू को व्हाट्सऐप के जरिए पांच करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि और हर महीने 20 लाख रुपये देने की मांग की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह संदेश वाकई प्रिंस खान गिरोह से जुड़े किसी व्यक्ति ने भेजा है या किसी ने उसके नाम का दुरुपयोग किया।
धमकी नहीं, ‘सहयोग’ शब्द का हुआ इस्तेमाल
सूत्रों के मुताबिक इस बार रंगदारी मांगने का तरीका पहले जैसे मामलों से अलग है। संदेश में सीधे हिंसक धमकी देने के बजाय कारोबारी से ‘सहयोग’ करने की बात कही गई, जिसने पुलिस जांच को और गंभीर बना दिया है। जांच एजेंसियां यह भी पड़ताल कर रही हैं कि कारोबारी की जगह उसके बिजनेस पार्टनर को निशाना क्यों बनाया गया।
डिजिटल साक्ष्यों की हो रही जांच
पुलिस व्हाट्सऐप संदेश, मोबाइल नंबर, सिम डिटेल, कॉल रिकॉर्ड और संभावित वित्तीय लेन-देन जैसे डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है। साथ ही दिसंबर 2025 में सामने आई पांच करोड़ रुपये की रंगदारी से जुड़ी कथित ऑडियो क्लिपों से भी इस मामले का कनेक्शन तलाशा जा रहा है।
निवेश घोषणा के बाद बढ़ी निगरानी
मामले को बिहार बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम में अंकुर स्टील के नाम पर हुई करीब छह हजार करोड़ रुपये की निवेश घोषणा से भी जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इसी आर्थिक गतिविधि के आधार पर कारोबारी को निशाना तो नहीं बनाया गया।
सुरक्षा बढ़ाई गई, जांच जारी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कारोबारी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिसमें सरकारी अंगरक्षकों के साथ निजी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं। NIA और धनबाद पुलिस पहले से ही प्रिंस खान नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच कर रही है। पुलिस के सामने अभी सबसे बड़ी चुनौती रंगदारी संदेश के असली स्रोत तक पहुंचना है।
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