रांची: किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और खेतों तक पहुंचकर किसानों से संवाद करें और उनकी समस्याओं का समाधान करें। कृषि सचिव अबु बकर सिद्दीकी पी ने गुरुवार को पशुपालन भवन, हेसाग में आयोजित राज्य स्तरीय खेत बचाओ अभियान सह रबी कर्मशाला-2026 में यह निर्देश दिया।

कृषि सचिव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं चला रही है और सब्सिडी भी उपलब्ध करा रही है। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि किसानों को इन योजनाओं की सही जानकारी मिले और वे उनका अधिकतम लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि किसानों की खुशहाली और आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने में जिला स्तर के अधिकारियों की भूमिका अहम है।
खेतों की उर्वरता और परती भूमि के उपयोग पर फोकस
कृषि सचिव ने बताया कि इस वर्ष की कर्मशाला में दो प्रमुख विषयों-खेत बचाओ अभियान और रबी खेती पर चर्चा की जा रही है। हर साल रबी कर्मशाला में फसल उत्पादकता, फसल सघनता, सिंचाई और बाजार संपर्क जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होता है। इस बार खेतों की उर्वरता और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने, परती भूमि का बेहतर उपयोग करने, उर्वरकों के सीमित एवं सुरक्षित इस्तेमाल और कृषि उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खेती से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशने की जरूरत है। इसके साथ ही सभी जिलों में तालाबों, नहरों और अन्य सिंचाई संसाधनों से जुड़े आंकड़ों को अपडेट करने का निर्देश दिया। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित कर किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
रासायनिक उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल की सलाह
कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने राज्य में परती भूमि का अधिकतम उपयोग करने और ऐसे क्षेत्रों में फसल आच्छादन बढ़ाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे कृषि उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि हो सकती है। मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण और सतत कृषि विकास के लिए रासायनिक उर्वरकों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण इस्तेमाल जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों से तकनीकी सत्रों में सक्रिय भागीदारी करने तथा विशेषज्ञों के अनुभव और तकनीकी जानकारी का लाभ उठाने की अपील की।
भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने पर जोर
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति सीएस दुबे ने कहा कि खेत बचाओ अभियान सह रबी कर्मशाला का उद्देश्य किसानों को भूमि के स्वास्थ्य और उर्वरा शक्ति के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने भूमि की उर्वरा शक्ति लंबे समय तक बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी। साथ ही कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादकता में सुधार के साथ भूमि संरक्षण पर भी ध्यान देना जरूरी है।
कार्यक्रम में मृदा निदेशक विकास कुमार, निदेशक समिति रमाशंकर प्रसाद, गव्य निदेशक संजीव कुमार सहित कृषि वैज्ञानिकों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर कृषि विभाग के वरिष्ठ पदाधिकारी, विभिन्न जिलों के जिला कृषि पदाधिकारी, कृषि एवं संबद्ध विभागों के मुख्यालय और जिला स्तर के अधिकारी तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।


