Wednesday, October 14

रांची में JPSC रिफॉर्म मंच और JMM कार्यकर्ताओं के बीच शुक्रवार की शाम जबरदस्त मारपीट हो गयी.  राजधानी के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक पर JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान भारी बवाल हो गया. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में अनियमितताओं और हालिया अदालती फैसलों को लेकर विरोध जता रहे छात्रों और सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस, धक्का-मुक्की और मारपीट के कारण घंटों राजधानी रणभूमि में बदल गयी. रिफार्म मंच और जेएमएम कार्यकर्ताओं के बीद हुई इस मारपीट में कई लोग घाटल हो गए हैं वहीं मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी चोट लगी है. एस डीएसपी के साथ भी मारपीट की घटना सामने आयी है. समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने रिफार्म मंच के कुणाल सिंह को हिरासत  में ले लिया था.

​हाईकोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा आक्रोश
झारखंड हाईकोर्ट द्वारा 11वीं से 13वीं JPSC और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगाए जाने के बाद से अभ्यर्थियों में भारी रोष है. JPSC रिफॉर्म्स मंच का आरोप है कि राज्य सरकार लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और अदालत में अभ्यर्थियों का पक्ष मजबूती से नहीं रखा गया. वहीं शुक्रवार को जब हाईकोर्ट ने JSSC CGL समेत अन्य परीक्षाओं रो रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक लगा दी उसके बाद छात्रों का आक्रोश और भी तेज हो गया. देश शाम रिफार्म मंच के लोग सीएम हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने अलबर्ट एक्का चौक जा रहे थे जब चडरी तलाब के समीप जेएमएम कार्यकर्ताओं ने सीएम का पुतला छीना और भाग निकले. इस बीच दोनों पक्ष के बीच तेज नोंकझोंक हुई और बाद में मामला हाथापायी और मारपीट में बदल गया.

​पुतला छीनकर भागे JMM कार्यकर्ता
विरोध प्रदर्शन के दौरान रिफॉर्म्स मंच के छात्र रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे थे. इसी बीच वहां पहले से मौजूद JMM कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी का विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच जोरदार धक्का-मुक्की शुरू हो गई. हंगामे के बीच JMM कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों के हाथों से मुख्यमंत्री का पुतला छीन लिया और उसे लेकर मौके से भाग निकले. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

​आंदोलन तेज करने की चेतावनी
घटना के बाद मंच के छात्र नेताओं (रविंद्र पासवान, कुणाल प्रताप आदि) ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए पुलिस और दलीय कार्यकर्ताओं के दम पर छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाना चाहती है. छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की धक्का-मुक्की से उनका आंदोलन रुकने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में विरोध प्रदर्शन को और उग्र किया जाएगा.

जारी

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