Wednesday, October 14

रांची: झारखंड में छात्रों के पुतला दहन कार्यक्रम को लेकर सियासत गरमा गई है। JSSC-JPSC रिफॉर्म मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और झारखंड मुक्ति मोर्चा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि रांची, गिरिडीह और हजारीबाग समेत कई जगहों पर पुतला दहन के लिए जुटे छात्रों के साथ JMM कार्यकर्ताओं ने मारपीट की।

बाबूलाल मरांडी ने इन घटनाओं को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के खिलाफ दमनात्मक कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है और उनके साथ मारपीट करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

हजारीबाग और गिरिडीह की घटनाओं का किया जिक्र

बाबूलाल मरांडी के मुताबिक, हजारीबाग के गांधी मैदान और गिरिडीह में छात्र पुतला दहन के लिए जुटे थे। इसी दौरान कथित तौर पर JMM कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ हमलावरों ने मास्क पहन रखा था और लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया। रांची में भी छात्रों के साथ कथित मारपीट की बात उन्होंने कही।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों ने पहले ही अपने कार्यक्रम की सूचना प्रशासन को दे दी थी। इसके बावजूद उन्हें रोकने के लिए कथित तौर पर बल प्रयोग किया गया।

‘पहले आंदोलन खत्म कराया, अब छात्रों पर हमला’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने कथित तौर पर बातचीत और आश्वासन के जरिए छात्र आंदोलन को समाप्त कराया, लेकिन अब उन्हीं छात्रों के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच पहले से ही JSSC-JPSC परीक्षाओं को लेकर विवाद रहा है। ऐसे में छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के दौरान कथित मारपीट की घटनाएं स्थिति को और तनावपूर्ण बना सकती हैं।

JMM कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग

बाबूलाल मरांडी ने पुलिस प्रशासन से कथित हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

उन्होंने सरकार पर राज्य में अराजक माहौल पैदा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर विरोध करने वाले छात्रों को दबाने के लिए इसी तरह का रवैया जारी रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

‘छात्रों का गुस्सा स्वाभाविक, लेकिन आंदोलन शांतिपूर्ण रहा’

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार के फैसलों और छात्रों के साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर युवाओं में नाराजगी है। इसके बावजूद छात्र लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का प्रयास कर रहे थे।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों के खिलाफ कथित दमन जारी रहा और गांव-गांव से युवा सड़कों पर उतर आए, तो सरकार के लिए स्थिति संभालना मुश्किल हो सकता है।

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