बोकारो। प्रशासनिक फाइलों और बैठकों के बीच किसी जिलाधिकारी का स्वयं एक पीड़ित परिवार की चौखट तक लौटना कम ही देखने को मिलता है। मंगलवार को बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने यही किया। सड़क हादसे में माता-पिता को खो चुके तीन बच्चों का हाल जानने वे करीब पांच महीने बाद दोबारा उनके घर पहुंचे और यह परखा कि उनके निर्देशों का जमीन पर कितना असर हुआ।
एक हादसा, जिसने बिखेर दिया परिवार
यह मामला 14 मई 2026 का है। चंदनकियारी प्रखंड के बरमसिया ओपी क्षेत्र में दुबेकांटा के पास हुई सड़क दुर्घटना में सपन मांझी और उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी की मौत हो गई थी। इस हादसे ने उनके तीनों बच्चों, विमल, विद्युत और पल्लवी, से माता-पिता का साया एक साथ छीन लिया। इसके बाद जिला प्रशासन ने बच्चों की शिक्षा, देखभाल और आर्थिक सुरक्षा के लिए कदम उठाने शुरू किए थे।
बच्चों से मुलाकात, अफसरों से हिसाब
मंगलवार को उपायुक्त ने बच्चों से मिलकर उनकी मौजूदा हालत, पढ़ाई और देखभाल के बारे में जानकारी ली। साथ ही बीडीओ अजय वर्मा और सीओ रवि आनंद से अब तक हुई कार्रवाई का ब्योरा मांगा और आगे की जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शिक्षा पर सबसे ज्यादा जोर
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि माता-पिता के असमय निधन का असर बच्चों की पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन को निर्देश दिया कि विमल और विद्युत का नामांकन आगामी 2 से 3 नवंबर के बीच सेक्टर-2 स्थित नेताजी आवासीय विद्यालय में कराया जाए।
पल्लवी के लिए अलग योजना तय की गई है। उसकी पढ़ाई दसवीं कक्षा तक बिना रुकावट जारी रहेगी। उसके बाद परिस्थिति और जरूरत के अनुसार उसे भी आवासीय विद्यालय में दाखिला दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन का मकसद है कि बच्चों को पढ़ाई के साथ सुरक्षित माहौल और बेहतर भविष्य के अवसर मिलें।
आर्थिक सुरक्षा का इंतजाम
बच्चों की परवरिश और पढ़ाई में मदद के लिए दो बच्चों के लिए स्पॉन्सरशिप योजना को मंजूरी दी जा चुकी है। आवंटन मिलते ही दोनों बच्चों को हर महीने 4-4 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
उपायुक्त ने माता-पिता के बैंक खातों में जमा रकम को तीनों बच्चों के नाम सावधि जमा (एफडी) कराने की पहल करने को भी कहा। इसके लिए बीडीओ और सीओ को अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) से तालमेल बिठाकर कार्रवाई करने का निर्देश मिला है, ताकि बच्चों का आर्थिक भविष्य सुरक्षित रहे।
ग्रामीणों की भी सुनी फरियाद
दौरे के दौरान उपायुक्त ने आसपास के ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने बीडीओ और सीओ को समाधान के लिए जरूरी कदम उठाने तथा पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। गांव में उनके इस सहज व्यवहार की चर्चा रही।
ये अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, जिला परिवहन पदाधिकारी मारुति मिंज, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीण रंजन, जिला शिक्षा अधीक्षक अतुल कुमार चौबे, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, बाल संरक्षण टीम और संबंधित प्रखंड के अधिकारी उपस्थित थे।


