बोकारो। बोकारो स्टील प्लांट (BSL) में नियोजन की मांग को लेकर विस्थापितों का आंदोलन अब और उग्र होता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे विस्थापित अप्रेंटिस संघ के आंदोलनकारियों ने गुरुवार को आंदोलन तेज करते हुए प्लांट के गेट संख्या 9 और 10 को जाम कर दिया। इसके कारण प्लांट में सामान लेकर आने और यहां से माल लेकर बाहर जाने वाले मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। दोनों गेटों के बाहर वाहनों की लंबी कतार लगने से परिवहन व्यवस्था पर असर पड़ा है।
भूख हड़ताल के छठे दिन आंदोलनकारियों ने सुबह से ही दोनों गेटों के बाहर धरना शुरू कर दिया। विस्थापितों का कहना है कि नियोजन के मुद्दे पर प्रबंधन को उनके साथ बातचीत करनी चाहिए और लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। मांगों पर ठोस पहल नहीं होने से नाराज आंदोलनकारियों ने गेट जाम कर प्रबंधन पर दबाव बनाने का रास्ता अपनाया है।
गेट जाम होने से माल की आवाजाही प्रभावित
गेट संख्या 9 और 10 पर प्रदर्शन के कारण बोकारो स्टील प्लांट में सामान की आपूर्ति और प्लांट से बाहर भेजे जाने वाले माल के परिवहन पर असर पड़ रहा है। मालवाहक वाहनों की आवाजाही रुकने से दोनों गेटों के बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना जारी रखा है।
प्लांट के गेटों पर प्रदर्शन तेज होने से अब प्रबंधन के सामने आंदोलनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की चुनौती है। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग नियोजन को लेकर वार्ता करना है। उनका कहना है कि जब तक प्रबंधन उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं करेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
भूख हड़ताल के छठे दिन भी मांगों पर अड़े आंदोलनकारी
विस्थापित अप्रेंटिस संघ के सदस्य अपनी मांगों को लेकर लगातार छह दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इतने दिनों तक आंदोलन जारी रहने के बावजूद आंदोलनकारियों ने पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं। गुरुवार को गेट संख्या 9 और 10 को जाम करने के फैसले से आंदोलन ने और आक्रामक रूप ले लिया है।
आंदोलनकारियों की नाराजगी का मुख्य कारण नियोजन के मुद्दे पर प्रबंधन के साथ बातचीत की मांग है। वे चाहते हैं कि प्रबंधन उनसे सीधे संवाद करे और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करे। इसी मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। गेट जाम करने के कदम को प्रबंधन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
गुरुवार को वार्ता नहीं हुई तो शुक्रवार से बढ़ेगा आंदोलन
आंदोलनकारियों ने प्रबंधन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि गुरुवार को प्रबंधन वार्ता के लिए सामने नहीं आता है, तो शुक्रवार से बोकारो स्टील प्लांट के अन्य गेटों को भी जाम किया जाएगा। इस चेतावनी से संकेत मिल रहा है कि मांगों पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में आंदोलन का दायरा और बढ़ सकता है।
अन्य गेटों को जाम करने की घोषणा से प्लांट में आवागमन और माल की ढुलाई पर और अधिक असर पड़ने की आशंका है। फिलहाल आंदोलनकारियों का जोर नियोजन के मुद्दे पर प्रबंधन से बातचीत कराने और अपनी समस्याओं का समाधान हासिल करने पर है।
प्रबंधन के रुख पर टिकी आगे की रणनीति
विस्थापितों के आंदोलन के बीच अब सबकी नजर प्रबंधन की अगली पहल पर है। गुरुवार को वार्ता होती है या नहीं, इस पर आंदोलन की आगे की दिशा निर्भर करेगी। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि मांगों पर बातचीत नहीं होने की स्थिति में वे शुक्रवार से आंदोलन को और व्यापक करेंगे।
फिलहाल गेट संख्या 9 और 10 पर प्रदर्शन जारी रहने से मालवाहक वाहनों का परिचालन प्रभावित है। यदि विवाद का समाधान जल्द नहीं निकलता है, तो प्लांट के अन्य गेटों पर भी प्रदर्शन होने से स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में नियोजन की मांग को लेकर जारी आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकालना प्रबंधन के लिए अहम चुनौती बन गया है।


