Wednesday, October 28

‘चेरो ट्राइब्स रिविजिट’ के जरिए जनजातीय विरासत को पहचान दिलाने की पहल, चेरो समाज ने अंगवस्त्र देकर किया सम्मानित

मेदिनीनगर/डाल्टनगंज। इतिहास केवल किताबों में दर्ज तथ्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसे लोगों तक पहुंचाने में कला और सिनेमा भी अहम भूमिका निभाते हैं। झारखंड की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के माध्यम से सामने लाने वाले फिल्मकार अनुज कुमार को पलामू में चेरो समाज ने सम्मानित किया। चेरो राजवंश के इतिहास और जनजातीय विरासत को फिल्म के जरिए लोगों तक पहुंचाने के उनके प्रयासों के लिए यह सम्मान दिया गया। समारोह में अनुज कुमार के साथ उनकी टीम का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

पिछले चार वर्षों से डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के निर्माण में जुटे अनुज कुमार ने अपनी फिल्मों के माध्यम से झारखंड के इतिहास, संस्कृति और संघर्ष से जुड़ी कहानियों को सामने लाने का प्रयास किया है। उनकी फिल्म ‘चेरो ट्राइब्स रिविजिट’ चेरो समाज के इतिहास और उसकी विरासत को केंद्र में रखती है। इसी प्रयास को सराहते हुए समाज के लोगों ने उन्हें सम्मानित किया। समारोह में पूर्व विधायक सहित कई गणमान्य लोग और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश

चेरो राजवंश का इतिहास पलामू की ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। ऐसे में इस विरासत को डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से दर्ज करना और व्यापक दर्शकों तक पहुंचाना क्षेत्र के इतिहास को समझने की दिशा में अहम पहल है। फिल्म के जरिए चेरो समाज की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने का प्रयास किया गया है।

समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि अनुज कुमार ने अपनी फिल्मों के जरिए झारखंड की मिट्टी, यहां की संस्कृति और संघर्ष से जुड़ी कहानियों को देश-दुनिया के सामने रखने का काम किया है। उनके अनुसार, स्थानीय इतिहास और समाज की पहचान को रचनात्मक माध्यम से प्रस्तुत करना पूरे पलामू के लिए गर्व की बात है। सम्मान समारोह के दौरान अनुज कुमार और उनकी टीम को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

‘यह सम्मान झारखंड की माटी और संस्कृति का है’

सम्मान प्राप्त करने के बाद फिल्मकार अनुज कुमार ने चेरो समाज के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि झारखंड की उस मिट्टी और संस्कृति का है, जिसे वह अपनी फिल्मों में दिखाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने चेरो समाज के इतिहास को गौरवशाली बताते हुए कहा कि फिल्म और शोध के माध्यम से ऐसी अनकही कहानियों को सामने लाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

उनके इस संदेश ने समारोह में मौजूद लोगों के बीच स्थानीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के जरिए किसी क्षेत्र की परंपराओं, ऐतिहासिक घटनाओं और समाज की पहचान को दर्ज करना आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

समाज के लोगों ने बढ़ाया हौसला

सम्मान समारोह में युवा समाजसेवी अजय सिंह चेरो, उप प्रमुख शीतल सिंह निराला, स्थानीय मुखिया पति उपाध्याय सिंह चेरो, सुरेंद्र सिंह चेरो, रविंद्र सिंह चेरो, त्रिपुरारी सिंह चेरो, रमेश सिंह चेरो, जितेंद्र सिंह चेरो, बसंत सिंह चेरो, श्याम सिंह चेरो, बचन सिंह और पुरन सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।

सांस्कृतिक टीम की ओर से मणि देवी, मधु कुमारी, आरती कुमारी, बिट्टू कुमारी, करिश्मा कुमारी, संगीता कुमारी, अरुण सिंह और अंजनी सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम में भाग लिया। लोगों ने फिल्मकार और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। समारोह ने स्थानीय इतिहास, जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक पहचान को सहेजने के महत्व को एक बार फिर सामने रखा।

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