Wednesday, October 28

गिरिडीह में नो-इंट्री से उद्योगों को नुकसान, गोला में नया औद्योगिक क्षेत्र और धालभूमगढ़ एयरपोर्ट जल्द शुरू करने की उठी मांग; चैंबर ने 75 उप समितियों के चेयरमैन मनोनीत किए

रांची। राज्य में व्यापारियों पर बढ़ते आर्थिक बोझ और औद्योगिक विकास से जुड़ी समस्याओं को लेकर फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने चिंता जताई है। बुधवार को चैंबर भवन में अध्यक्ष तुलसी पटेल की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी समिति की तीसरी बैठक में बाजार समितियों की दुकानों और गोदामों के किराये में एकतरफा बढ़ोतरी, जमीन-मकान की खरीद-बिक्री पर निबंधन शुल्क में 10 प्रतिशत वृद्धि, उद्योगों की परिवहन संबंधी परेशानियों और रेलवे सुविधाओं जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में चैंबर ने संबंधित विभागों के समक्ष इन समस्याओं को उठाने और समाधान के लिए पहल करने का निर्णय लिया।

बाजार समितियों के किराये में वृद्धि पर आपत्ति

कार्यकारिणी समिति ने राज्य की बाजार समितियों में आवंटित दुकानों और गोदामों के किराये में एकतरफा वृद्धि के फैसले पर आपत्ति जताई। सदस्यों का कहना था कि व्यापारियों पर आर्थिक बोझ डालने वाले महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले संबंधित व्यापारिक संगठनों और अन्य हितधारकों से विमर्श किया जाना चाहिए। बिना चर्चा के किराया बढ़ाने से व्यापारियों में असंतोष बढ़ सकता है और बाजार समितियों की गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।

चैंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही कृषि मंत्री से मुलाकात कर वार्ता की जाएगी।

निबंधन शुल्क में 10 प्रतिशत वृद्धि पर चिंता

राज्य में जमीन और भवन की खरीद-बिक्री पर निबंधन शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि के फैसले पर भी सदस्यों ने चिंता जताई। चैंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि इससे आम लोगों और व्यवसायियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने संबंधित विभागीय सचिव से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

बैठक में बस परमिट के नवीनीकरण में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा हुई। व्यवसायियों को हो रही परेशानी को देखते हुए अध्यक्ष तुलसी पटेल ने इस मामले में विभागीय सचिव से जल्द वार्ता करने का भरोसा दिया।

गिरिडीह में नो-इंट्री से उद्योगों की लागत बढ़ने का मुद्दा

कोयलांचल प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह सलूजा ने गिरिडीह में सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक लागू नो-इंट्री के कारण औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल की ढुलाई में हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परिवहन में देरी से डेमरेज और व्हार्फेज शुल्क बढ़ता है, जिससे उद्योगों की लागत पर असर पड़ता है।

उन्होंने जिले में बाईपास सड़क निर्माण की जरूरत बताते हुए न्यू गिरिडीह होकर स्वीकृत गया-संतरागाछी एक्सप्रेस और मधुपुर-चोपन रेल सेवाओं का परिचालन जल्द शुरू कराने की मांग की।

गोला में औद्योगिक क्षेत्र, बोकारो की स्थिति सुधारने की मांग

नॉर्थ छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विनय अग्रवाल ने रामगढ़ जिले के गोला क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की मांग की। उन्होंने बोकारो औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल स्थिति में सुधार के लिए झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (जियाडा) से हस्तक्षेप का आग्रह किया।

उन्होंने रांची-हजारीबाग मार्ग से राजधानी एक्सप्रेस के परिचालन, रांची रोड रेलवे स्टेशन की स्थिति में सुधार और हजारीबाग-चतरा-गया नई रेल लाइन के निर्माण के लिए संबंधित रेलवे प्राधिकार से आवश्यक कार्रवाई करने की मांग भी रखी। चैंबर अध्यक्ष ने इन मुद्दों पर फेडरेशन की ओर से हरसंभव पहल का आश्वासन दिया।

सिक्कों की कमी से लेकर धालभूमगढ़ एयरपोर्ट तक के मुद्दे

साउथ छोटानागपुर प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दामोदर कसेरा ने सिक्कों की कमी के कारण छोटे दुकानदारों को हो रही परेशानियों से समिति को अवगत कराया।

पलामू प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित जायसवाल ने मेदिनीनगर की बदहाल यातायात व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए वहां ट्रैफिक डीएसपी की पदस्थापना की जरूरत बताई। उन्होंने जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने में फेडरेशन से सहयोग मांगा।

कोल्हान प्रमंडल के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने जमशेदपुर और आसपास के यात्रियों की सुविधा के लिए धालभूमगढ़ एयरपोर्ट को जल्द चालू करने की मांग की। उन्होंने नेमरा में उच्चस्तरीय शैक्षणिक संस्थान और अत्याधुनिक अस्पताल स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि राज्य के लोगों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। अध्यक्ष तुलसी पटेल ने इन सुझावों पर आगे की पहल के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता करने की बात कही।

उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर उद्योगों की समस्याओं के समाधान को प्रभावी बनाने के लिए जियाडा की पीसीसी और एलएसी में क्षेत्रीय उपाध्यक्षों के मनोनयन की पहल की जाएगी।

75 उप समितियों के चेयरमैन मनोनीत

बैठक में वर्तमान सत्र की गतिविधियों के संचालन के लिए सर्वसम्मति से 75 उप समितियों और उनके चेयरमैन का मनोनयन किया गया। चैंबर उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय ने बताया कि कुछ अन्य उप समितियों का गठन अगली कार्यकारिणी बैठक में किया जाएगा।

सह सचिव पूजा ढाढा और अमित शर्मा ने चैंबर की सदस्यता के लिए प्राप्त नए आवेदनों को प्रस्तुत किया, जिन्हें कार्यकारिणी समिति ने मंजूरी दे दी।

रांची स्टेशन के प्लेटफॉर्म-1 को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

रांची रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर पुनर्निर्माण कार्य के कारण इसके बंद होने से यात्रियों और स्टेशन रोड की यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर भी चर्चा हुई। कोषाध्यक्ष नवजोत अलंग ने रांची रेल मंडल के साथ समन्वय स्थापित कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वार्ता करने की बात कही।

सदस्यों ने सुझाव दिया कि प्लेटफॉर्म संख्या-1 बंद होने से पहले संबंधित ट्रेनों का ठहराव नामकुम और अरगोड़ा रेलवे स्टेशनों पर सुनिश्चित किया जाए। इससे रांची स्टेशन रोड पर अतिरिक्त यातायात दबाव कम करने और यात्रियों की परेशानी घटाने में मदद मिल सकती है।

बैठक में अध्यक्ष तुलसी पटेल, उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव अमित शर्मा और पूजा ढाढा, कोषाध्यक्ष नवजोत अलंग, विभिन्न प्रमंडलों के क्षेत्रीय उपाध्यक्षों तथा कार्यकारिणी सदस्यों के अलावा पूर्व अध्यक्ष ललित केडिया, जिला चैंबर और संबद्ध संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यकारिणी सदस्य राहुल साबू ने धन्यवाद ज्ञापन किया। बैठक के अंत में चैंबर के पूर्व उप समिति चेयरमैन स्वर्गीय योगेंद्र पोद्दार के निधन पर मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

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