गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले का बांसगांव थाना क्षेत्र एक ऐसी हृदय विदारक घटना का गवाह बना है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक घरेलू विवाद ने ऐसी खूनी शक्ल अख्तियार की कि एक 16 वर्षीय नाबालिग अपने ही खून का प्यासा बन बैठा। उसने अपने बड़े भाई, भाभी और उनके तीन साल के मासूम बच्चे की धारदार हथियार से निर्ममतापूर्वक हत्या कर दी। इस भयावह गोरखपुर तिहरा हत्याकांड ने न केवल परिवार को तबाह कर दिया, बल्कि पूरे क्षेत्र में सदमे और सन्नाटे का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मृतकों की पहचान अमित गुप्ता (बड़े भाई), उनकी पत्नी रंजना गुप्ता (भाभी) और मासूम पुत्र रेयान गुप्ता (3 वर्षीय भतीजे) के रूप में की है। यह घटना मानवीय संबंधों के पतन की एक ऐसी कहानी कहती है, जिस पर यकीन करना मुश्किल है।
कैसे हुआ गोरखपुर तिहरा हत्याकांड: गहरी नींद में सो रहे थे परिजन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली वारदात रविवार की देर रात करीब 3 बजे की है। उस भयावह रात में, अमित गुप्ता अपनी पत्नी रंजना और अपने प्यारे बच्चे रेयान के साथ कमरे के भीतर गहरी नींद में सो रहे थे, बेखबर कि उनकी जिंदगी के आखिरी पल करीब आ चुके हैं। तभी अचानक, आरोपी नाबालिग भाई ने धारदार हथियार लेकर कमरे में प्रवेश किया। वह किसी खूंखार शिकारी की तरह अपने ही परिवार पर टूट पड़ा। उसने तीनों पर एक के बाद एक ताबड़तोड़ कई जानलेवा वार किए। यह हमला इतना अचानक और इतनी बेरहमी से किया गया था कि पीड़ित परिवार को संभलने या मदद के लिए चीखने तक का मौका नहीं मिला। तीनों ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया, जिससे पूरा घर मातम में डूब गया।
इस खूनी खेल को अंजाम देने के बाद, घर में चीख-पुकार मच गई। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह दहशत से भर उठा। परिवार के अन्य सदस्य इस भयानक मंजर को देखकर हक्के-बक्के रह गए। यह किसी बुरे सपने से कम नहीं था, जहां घर का ही एक सदस्य शैतान बन बैठा था।
घटनास्थल पर कोहराम और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
इस तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. गौरव ग्रोवर और एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी सहित कई थानों की भारी पुलिस फोर्स और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल का नजारा बेहद भयावह था। पुलिस के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। खून से सने नमूने और अन्य सबूतों को सावधानीपूर्वक एकत्र किया गया। इसके साथ ही, घर के अन्य परिजनों और आसपास के ग्रामीणों से भी गहन पूछताछ की गई ताकि इस गोरखपुर तिहरा हत्याकांड के पीछे की परतें खोली जा सकें। हर किसी के चेहरे पर खौफ और सवाल था कि आखिर एक नाबालिग ऐसा जघन्य अपराध कैसे कर सकता है।
पूछताछ के दौरान, परिवार के सदस्यों ने गहरे सदमे और दुख के बीच कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं, जो पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सहायक साबित हुईं। फोरेंसिक टीम ने हर छोटे से छोटे सुराग की जांच की, जो इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण हो सकता था। इस घटना ने पूरे गांव को सकते में डाल दिया है, और लोग अभी भी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनके बीच ऐसा जघन्य अपराध हो सकता है।
गोरखपुर तिहरा हत्याकांड में आरोपी हिरासत में, वजहों की तलाश जारी
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला गहरे पारिवारिक और आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा है। घटना के बाद, मृतक अमित गुप्ता के पिता की लिखित तहरीर के आधार पर स्थानीय बांसगांव थाने में हत्या की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बाल अपचारी (नाबालिग भाई) को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता थी, क्योंकि अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने की फिराक में था।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया मुख्य आला कत्ल (धारदार हथियार) भी बरामद कर लिया है। यह हथियार ही इस जघन्य अपराध का सबसे बड़ा गवाह है। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों और अन्य तथ्यों का पता चल सके। फिलहाल आरोपी से बंद कमरे में गहन पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या के पीछे की वास्तविक और मुख्य वजहों की गहराई से जांच की जा सके। यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर किस घरेलू विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि एक भाई अपने ही परिवार का दुश्मन बन गया। इस तरह के पारिवारिक विवादों में हिंसा के और भी कई मामले देश के विभिन्न हिस्सों से सामने आते रहे हैं, जिनकी विस्तृत जानकारी के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस गोरखपुर तिहरा हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
इस घटना ने समाज में बढ़ते अपराधों और पारिवारिक कलह के गंभीर परिणामों पर फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। एक नाबालिग द्वारा किया गया यह जघन्य अपराध आने वाली पीढ़ियों के लिए एक चेतावनी है, जो रिश्तों की पवित्रता और पारिवारिक सद्भाव के महत्व को रेखांकित करता है। पूरे गोरखपुर में इस घटना को लेकर चर्चाएं जारी हैं, और हर कोई यही प्रार्थना कर रहा है कि पीड़ितों की आत्मा को शांति मिले और आरोपी को उसके कर्मों की सजा मिले।
