गुमला में 13 वर्षीय बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले ने अब और गंभीर रूप ले लिया है। गंभीर हालत में रांची के रिम्स में भर्ती बच्ची की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों का आरोप है कि 4 से 5 लड़कों ने बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद बच्ची को गंभीर हालत में घर के पास छोड़ दिया गया था। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
घर के पास बेसुध मिली थी बच्ची
परिजनों के मुताबिक, बच्ची गुरुवार को काफी देर तक घर से लापता थी। परिवार के लोगों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच रात करीब 7:30 बजे कुछ लड़के बच्ची को घर के पास छोड़कर चले गए।
परिजनों ने बताया कि बच्ची अर्धनग्न हालत में बेसुध पड़ी थी और उस समय कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। उसके गले और शरीर पर चोट के निशान थे। परिजनों के अनुसार, बच्ची के आंतरिक अंगों से भी खून का रिसाव हो रहा था।
पहले कोलेबिरा अस्पताल, फिर रिम्स रेफर
बच्ची की हालत देखकर परिजन उसे तत्काल कोलेबिरा अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे आगे इलाज के लिए रिम्स रेफर किया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे बच्ची को रिम्स लाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा था।
लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका और शनिवार को इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।
पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी परिजनों ने उठाए सवाल
मामले में परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि घटना की जानकारी पालकोट थाना पुलिस को दी गई थी। परिवार के मुताबिक, पुलिस और एक महिला पुलिसकर्मी को बच्ची के साथ रहना था और मेडिकल प्रक्रिया में मौजूद रहना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अब बच्ची की मौत के बाद मामले की जांच और पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। परिवार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
इस पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे क्या हुआ था, कितने लोग इसमें शामिल थे और अब तक की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
