लातेहार: पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के वन्यजीवों को रात में भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाले खतरे से बचाने के लिए व्यावसायिक वाहनों पर रोक लगाने की तैयारी है। इसके तहत केचकी वन नाका से बारेसाढ़ होते हुए महुआडांड़ तक जाने वाली सड़क पर रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक व्यावसायिक वाहन नहीं चल सकेंगे। प्रतिबंध के दायरे में बॉक्साइट लदे ट्रक भी शामिल होंगे। पीटीआर प्रबंधन अगले एक सप्ताह के भीतर इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर रहा है।
दरअसल, हाल के दिनों में इस मार्ग से रात के समय बॉक्साइट लदे भारी वाहनों के गुजरने की जानकारी सामने आई है। खनिज की ढुलाई करने वाले वाहन रिजर्व क्षेत्र से गुजरने वाली इस सड़क का इस्तेमाल शॉर्टकट के रूप में कर रहे थे। संरक्षित वन क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही को वन्यजीवों की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय माना जा रहा है।
इसी को देखते हुए पीटीआर प्रबंधन ने वर्ष 2017 में लातेहार जिला प्रशासन की ओर से वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जारी दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। प्रतिबंध के तहत रात में केचकी वन नाका से बारेसाढ़ होते हुए महुआडांड़ तक व्यावसायिक वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। हालांकि, निजी और छोटे वाहनों की आवाजाही पहले की तरह जारी रहेगी।
यात्री बसों के परमिट की होगी समीक्षा
पीटीआर के उपनिदेशक प्रजेश कांत जेना ने बताया कि प्रतिबंध लागू करते समय स्थानीय ग्रामीणों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। रात में यात्री बसों के परिचालन से जुड़े परमिट की समीक्षा की जाएगी, ताकि प्रतिबंध के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
108 किलोमीटर लंबी सड़क का बड़ा हिस्सा रिजर्व क्षेत्र में
डालटनगंज-महुआडांड़ सड़क करीब 108 किलोमीटर लंबी है। इस मार्ग का बड़ा हिस्सा पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही वन्यजीवों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है।
रात में व्यावसायिक वाहनों पर रोक लगाने का उद्देश्य रिजर्व क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करना और वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रयासों को मजबूत करना है।
