बैंक अध्यक्ष मदन मोहन बरियार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात, मंईयां सम्मान योजना की करीब 30 हजार लाभार्थी महिलाओं को 251 करोड़ रुपये का ऋण देने सहित बैंक की उपलब्धियों की दी जानकारी
रांची, 5 नवंबर। झारखंड ग्रामीण बैंक को राज्य का सरकारी बैंक घोषित करने की संभावना पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विचार कर रहे हैं। झारखंड ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष मदन मोहन बरियार से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने इस संबंध में विचार करने का आश्वासन दिया। बैंक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गुरुवार को बैंक अध्यक्ष मदन मोहन बरियार ने महाप्रबंधक सिंकू कुमार परीरा और सहायक महाप्रबंधक संजय कुमार के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की।
इस दौरान बैंक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को झारखंड के विकास में बैंक की ओर से किए जा रहे प्रयासों और विभिन्न योजनाओं के तहत लोगों को मिल रही वित्तीय सहायता की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड ग्रामीण बैंक राज्य में वित्तीय समावेशन और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मंईयां सम्मान योजना की 30 हजार महिलाओं को 251 करोड़ का ऋण
बैंक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल मंईयां सम्मान योजना की लाभार्थी महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से झारखंड ग्रामीण बैंक अब तक करीब 30 हजार महिलाओं को कुल 251 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध करा चुका है। इस ऋण के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
3.70 लाख किसान और 97 हजार स्वयं सहायता समूह जुड़े
मुलाकात के दौरान बैंक की अन्य उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, झारखंड ग्रामीण बैंक के साथ राज्य में सबसे अधिक करीब 3 लाख 70 हजार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) धारक जुड़े हुए हैं। इसके अलावा करीब 97 हजार स्वयं सहायता समूह भी बैंक के लाभार्थी हैं। बैंक के माध्यम से किसानों और महिला समूहों को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बैंक के योगदान पर मुख्यमंत्री ने जताई प्रसन्नता
बैंक की ओर से राज्य के विकास में किए जा रहे योगदान की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रसन्नता जाहिर की। बैंक की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने झारखंड ग्रामीण बैंक को राज्य का सरकारी बैंक घोषित करने के विचार पर आश्वासन भी दिया।
इस मुलाकात को झारखंड ग्रामीण बैंक की भूमिका और राज्य के विकास में उसके योगदान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बैंक को सरकारी बैंक का दर्जा देने के संबंध में अभी किसी आधिकारिक निर्णय या समय-सीमा की घोषणा नहीं की गई है।
