Wednesday, October 14
INDIAN NAVAL SHIP NISTAR: 18 जुलाई शुक्रवार का दिन नौसेना के लिए बेहद खास है. भारतीय नौसेना को पहला स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल मिलने वाला है.  भारतीय नौसेना के पास फिलहाल कोई डाइविंग सपोर्ट वेसल नहीं है. इस कमी को पूरा करने के लिए नौसेना ने दो डाइविंग सपोर्ट वेसल लेने का फैसला किया. एक का नाम रखा गया निस्तार और दूसरे का नाम निपुण. 8 जुलाई को पहला डाइविंग सपोर्ट वेसल निस्तर नौसेना को सौंपा गया था. यह देश का पहला स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल है जो कि सबमरीन ऑपरेशन के दौरान गेमचेंजर साबित होगा.आज विशाखापत्तनम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की मौजूदगी में इसे नौसेना में शामिल किया जा रहा है. इस मौके पर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भी मौजूद रहेंगे
पाक के जख्म करेगा हरे
इसका नाम है INS निस्तार. खास बात तो यह है कि इसका नाम सुनकर पाकिस्तान के पुराने जख्म हरे होने वाले हैं. इसके पीछे की वजह है 1971 की जंग कै दौरान भारतीय नौसेना ने पाकिस्तानी सबमरीन PNS गाजी को डुबो दिया था. INS निस्तार नाम के डाइविंग सपोर्ट वेसल ने गाजी की कब्र ढूंढने के लिए डाइविंग ऑपरेशन को अंजाम दिया था. इस सपोर्ट वेसल का नाम डिकमीशन हो चुके INS निस्तार पर रखा गया है. निस्तार नाम संस्कृत शब्द से लिया गया है, जिसका मतलब होता है मुक्ति या उद्धार. खास बात यह है कि दुनिया के कुछ ही देशों के पास इस तरह के स्पेशल सबमरीन रेस्क्यू सपोर्ट वेसल मौजूद हैं.
निस्तार की खासियत
निस्तार क्लास प्रोजेक्ट के तहत कुल 2 डाइविंग
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