बुढ़मू: लगातार हो रही बारिश ने बुढ़मू के उमेडंडा पंचायत स्थित बड़का मुरू गांव में दो परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को बारिश के बीच दो कच्चे मकान अचानक ढह गए। हादसे के वक्त परिवार के सदस्य घर से बाहर थे, इसलिए किसी की जान नहीं गई। लेकिन घर गिरने के बाद दोनों परिवारों के सामने अब सिर छिपाने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
मकान गिरने वालों में जयवीर साहू, पिता महेश साहू और मोसोमत तेतरी देवी, पति स्वर्गीय महावीर साहू का परिवार शामिल है। घर की दीवारों में दरारें आने और मकान का हिस्सा गिरने के बाद परिवार के लोगों ने किसी तरह अपना सामान बाहर निकाला। अब उन्हें बारिश के बीच खुले में रहने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है।
पिछले साल भी गिरा था मकान, अब तक नहीं मिला मुआवजा
जयवीर साहू के परिवार की परेशानी सिर्फ इस साल का नुकसान नहीं है। बताया गया कि उनका कच्चा मकान पिछले साल भी बारिश के दौरान ढह गया था। उस समय परिवार ने आपदा विभाग और बुढ़मू प्रखंड कार्यालय में आवेदन दिया था। मकान गिरने से संबंधित जियो-टैग फोटो भी जमा कराई गई थी।
परिवार का कहना है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने किसी तरह पैसे जुटाकर उसी मकान को दोबारा खड़ा किया था। लेकिन एक साल बाद लगातार बारिश ने फिर उसी घर को जमींदोज कर दिया।
यानी जिस परिवार को पिछले साल हुए नुकसान के बाद सरकारी सहायता की उम्मीद थी, उसे अब एक बार फिर बारिश के कारण बेघर होना पड़ा है।
सामान बचा लिया, लेकिन रहने की जगह नहीं
मकान की हालत बिगड़ने के बाद परिवार के लोगों ने किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए घर का सामान बाहर निकाल लिया। फिलहाल परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता रहने की है। लगातार बारिश के बीच खुले में रहने की स्थिति ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
दोनों परिवारों की स्थिति को देखते हुए ग्रामीण भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि ऐसे समय में प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को राहत उपलब्ध करानी चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगी तत्काल मदद
घटना की जानकारी के बाद वार्ड सदस्य काजल कुमारी, प्रतिनिधि कीर्तन साहू समेत स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों की मदद की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री और सुरक्षित रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
साथ ही, नियमानुसार आपदा मुआवजा दिलाने की भी मांग की गई है।
जब पिछले साल हुए मकान के नुकसान का मुआवजा अभी तक नहीं मिला, तो इस बार दोबारा घर गिरने के बाद इन परिवारों को सरकारी सहायता कब तक मिलेगी? बारिश के बीच बेघर हुए परिवारों की नजर अब प्रशासन की मदद पर टिकी है।
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