रांची: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर Jharkhand Digital की रिपोर्ट के बाद अब कार्रवाई सामने आई है। 6 अक्टूबर को धुर्वा सेक्टर-2 स्थित CEO कार्यालय के समक्ष हुए हंगामे के मामले में जगन्नाथपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में चार नामजद लोगों के अलावा करीब 150 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को आरोपी बनाया गया है।
थाने में दिए आवेदन के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार व बल प्रयोग का आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के सरकारी हथियार छीनने का प्रयास किया।
चार लोगों को किया गया नामजद
प्राथमिकी के लिए दिए गए आवेदन में कुमार राजा, शिल्पी वर्मा, गौरव सिंह और सुबोध कान्त सहाय को नामजद किया गया है। इनके अलावा प्रदर्शन में शामिल करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
आवेदन में कहा गया है कि जांच के दौरान जिन अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए।
CEO कार्यालय में चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण काम, हंगामे से काम प्रभावित होने का दावा
शिकायत के मुताबिक, प्रदर्शनकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर जुटे थे। इसी दौरान हंगामे और प्रदर्शन के कारण कार्यालय के कामकाज पर असर पड़ा। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और उसे विरूपित करने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और विवाद की स्थिति बनी थी। अन्य मीडिया रिपोर्टों में भी बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश और पुलिस के हल्के बल प्रयोग का उल्लेख है।

अब CCTV और वीडियो से होगी पहचान
शिकायत में पुलिस से घटनास्थल के CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच में शामिल करने का अनुरोध किया गया है। इसका मकसद भीड़ में शामिल उन लोगों की पहचान करना है, जिनकी भूमिका घटना में सामने आती है।
सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन कर जिम्मेदार लोगों से क्षतिपूर्ति की कार्रवाई की बात भी आवेदन में कही गई है।
प्रदर्शन क्यों हुआ था?
6 अक्टूबर को झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय का घेराव किया था। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध जताया गया था।
अब इस प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़, पुलिस से धक्का-मुक्की और हथियार छीनने के प्रयास के आरोपों की जांच पुलिस करेगी। Jharkhand Digital की रिपोर्ट के बाद सामने आई यह कार्रवाई अब इस मामले को अगले चरण में ले गई है।
इसे भी पढ़े – प्रदर्शन के दौरान अपनी ही सरकार पर कालिख पोतना कितना सही…क्या JMM बर्दाश्त करेगी यह अपमान?


