Tuesday, October 13

रांची: ईद-मिलाद-उन-नबी को लेकर झारखंड पुलिस ने अभी से सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम समय रहते उठाने का निर्देश दिया है। रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी/एसपी के साथ-साथ रेल पुलिस के अधिकारियों को भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश के मुताबिक, इस साल ईद-मिलाद-उन-नबी 26 अगस्त को मनाए जाने की संभावना है। हालांकि चांद के दीदार के आधार पर तारीख में बदलाव हो सकता है। पर्व के दौरान मिलाद, फातिहा, नात-ए-पाक और जुलूस समेत कई आयोजन होते हैं। ऐसे में भीड़ और संवेदनशील इलाकों को ध्यान में रखते हुए पुलिस को पहले से सुरक्षा प्लान तैयार करने को कहा गया है।

जुलूस की पूरी जानकारी जुटाने का निर्देश

पुलिस मुख्यालय ने जिलों से अपने-अपने क्षेत्र में निकलने वाले संभावित जुलूसों की विस्तृत जानकारी तैयार करने को कहा है। जुलूस कहां से निकलेगा, उसका रूट क्या होगा, आयोजन कौन कर रहा है और जिम्मेदार लोगों के नाम व मोबाइल नंबर क्या हैं, इसकी जानकारी पहले से जुटाई जाएगी।

लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी जुलूसों को भी अलग-अलग चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही जुलूस के रास्ते में पड़ने वाले संवेदनशील स्थानों और ऐसे इलाकों की पहचान करने को कहा गया है, जहां अतिरिक्त पुलिस बल या निगरानी की जरूरत पड़ सकती है।

पुराने विवाद वाले इलाकों पर रहेगी नजर

पुलिस मुख्यालय ने पूर्व में विवाद या सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं वाले स्थानों की सूची तैयार करने को कहा है। अधिकारियों को ऐसे इलाकों में विशेष निगरानी रखने और किसी भी संभावित विवाद को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित करने की रणनीति अपनाने का निर्देश दिया गया है।

पत्र में बोकारो और हजारीबाग समेत कुछ जिलों में पिछले वर्षों में पर्व के आसपास हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर संवेदनशीलता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने को कहा गया है।

सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजर

त्योहार के दौरान सोशल मीडिया पर अफवाह या भड़काऊ सामग्री के प्रसार को लेकर भी पुलिस को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। ऐसे सोशल मीडिया ग्रुप और प्लेटफॉर्म चिन्हित करने को कहा गया है, जहां किसी धर्म, समुदाय या जाति को लेकर आपत्तिजनक या तनाव बढ़ाने वाली सामग्री साझा की जाती है।

ऐसे ग्रुप के एडमिन की पहचान और संपर्क विवरण जुटाने का भी निर्देश दिया गया है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति के पर्व में शामिल होने की सूचना मिलने पर उसकी जानकारी भी पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

शांति समिति और धर्मगुरुओं से संवाद पर जोर

पुलिस मुख्यालय ने सिर्फ सुरक्षा बल बढ़ाने के बजाय स्थानीय स्तर पर संवाद को भी अहम माना है। सभी थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक कराने और पुराने विवादों को बातचीत के जरिए पहले ही सुलझाने का निर्देश दिया गया है।

पुलिस को दोनों समुदायों के प्रभावशाली और सम्मानित लोगों के संपर्क में रहने को कहा गया है। साथ ही स्थानीय धर्मगुरुओं से समन्वय कर जुलूस के समय, रूट और अन्य कार्यक्रमों की जानकारी पहले से लेने की बात कही गई है।

संवेदनशील लोगों की गतिविधियों पर निगरानी

पूर्व में दंगा, सांप्रदायिक विवाद या तनाव से जुड़े मामलों में आरोपित रहे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने को कहा गया है। इसके अलावा अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने की आशंका वाले लोगों की भी निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।

पुलिस को किसी भी संभावित विवाद की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने और स्थिति को बिगड़ने से पहले नियंत्रित करने को कहा गया है।

जुलूस रूट पर बिजली के तार भी जांचे जाएंगे

सुरक्षा व्यवस्था में इस बार जुलूस के रास्ते में आने वाले बिजली के तारों को भी शामिल किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर यह जांच कराने को कहा है कि कहीं जुलूस के रास्ते में तार कम ऊंचाई पर तो नहीं हैं।

कम ऊंचाई या खराब स्थिति वाले तारों की मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि जुलूस के दौरान किसी तरह की दुर्घटना की आशंका न रहे।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

धार्मिक स्थलों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। पुलिस मुख्यालय ने आशंका जताई है कि असामाजिक तत्व आपत्तिजनक वस्तुएं या पशु अंग धार्मिक स्थलों के आसपास फेंककर तनाव पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।

ऐसी किसी भी कोशिश को रोकने के लिए धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

अवैध गतिविधियों पर भी होगी कार्रवाई

पर्व के दौरान अवैध शराब की बिक्री, प्रतिबंधित मांस की बिक्री और जुआ जैसी गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा गया है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसी गतिविधियों पर कानून के तहत कार्रवाई की जाए, जिससे त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

मीडिया से समन्वय रखने की अपील

पुलिस मुख्यालय ने मीडिया और पत्रकारों के साथ भी बेहतर समन्वय बनाए रखने को कहा है। किसी घटना की जानकारी सामने आने पर तथ्यों की पुष्टि के साथ सूचना साझा करने और ऐसी खबरों से बचने पर जोर दिया गया है, जिनसे अफवाह या अनावश्यक तनाव फैल सकता है।

कुल मिलाकर, ईद-मिलाद-उन-नबी को लेकर पुलिस मुख्यालय ने जुलूस के रूट से लेकर सोशल मीडिया, संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और बिजली व्यवस्था तक कई स्तरों पर तैयारी करने का निर्देश दिया है। मकसद यही है कि पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से पहले ही निपटा जा सके।

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