Saturday, October 24

रांची: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में 17 अक्टूबर को हुई भगदड़ के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में दुर्गा पूजा की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का निर्देश दिया है। सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पंडालों का दोबारा निरीक्षण कराने और जरूरत के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने को कहा गया है। भीड़ प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, बिजली की सुरक्षित वायरिंग और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है।

ड्रोन-CCTV से भीड़ पर नजर, जरूरत पर रूट डायवर्जन

पुलिस मुख्यालय ने जिला प्रशासन और दुर्गा पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा मानकों का पालन कराने का निर्देश दिया है। पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल करने को कहा गया है। भीड़ बढ़ने पर स्थिति के अनुसार तत्काल रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।

अग्नि सुरक्षा और बिजली व्यवस्था की जांच

निर्देश के मुताबिक, पंडालों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, अग्नि सुरक्षा मानकों और बिजली के तारों की सुरक्षित वायरिंग की जांच की जाएगी। तारों के जोड़ खुले नहीं रहने चाहिए। संबंधित विभागों से जरूरी सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर भी जोर दिया गया है।

पंडालों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते निर्धारित करने तथा आपात स्थिति में एंबुलेंस और अग्निशमन वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ते खाली रखने को कहा गया है। संकरे रास्तों में किसी तरह की बाधा नहीं होनी चाहिए।

पंडालों के आसपास 200 मीटर तक नो-पार्किंग की तैयारी

भीड़ और यातायात नियंत्रण के लिए दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास लगभग 200 मीटर के दायरे में नो-पार्किंग जोन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इससे आपातकालीन सेवाओं को मौके तक पहुंचने में आसानी होगी।

मुख्य चौक-चौराहों और पंडालों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और नियमित ब्रीफिंग की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। प्रत्येक पंडाल में महिला पुलिसकर्मियों की अलग टीम के साथ क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और रिजर्व बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

अफवाहों पर रोक के लिए लगातार घोषणाएं

पुलिस मुख्यालय ने पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी निर्देश देने और अफवाहों पर नियंत्रण रखने पर जोर दिया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बीच वायरलेस सेट और त्वरित सूचना तंत्र को सक्रिय रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।

पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। उद्देश्य दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ से जुड़ी घटनाओं को रोकना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाए रखना है।

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