पश्चिम बंगाल के होटल में अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न-उत्तर, सीआइडी की जांच में कई और नाम सामने आने की आशंका
रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) प्रतियोगिता परीक्षा में सेंधमारी के मामले में सीआइडी को बड़ी सफलता हाथ लगी है। परीक्षा में अनियमितता और अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में सीआइडी ने बिहार के पटना निवासी राजन कुमार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद इस पूरे प्रकरण की परतें एक-एक कर खुलने लगी हैं और जांच एजेंसी को इससे जुड़े एक संगठित नेटवर्क की आशंका है।
पश्चिम बंगाल के होटल में चलता था “प्रश्न-उत्तर रटवाने” का खेल
सीआइडी की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि आरोपित राजन कुमार परीक्षा में शामिल होने वाले चुनिंदा अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित एक होटल में ले जाता था। वहां परीक्षा से पहले ही अभ्यर्थियों को संभावित प्रश्नों और उनके उत्तरों को रटवाया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया, ताकि किसी को भनक तक न लगे। जांच एजेंसी के अनुसार, इस तरीके से आरोपित ने कई अभ्यर्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाया, जिसके एवज में मोटी रकम वसूली गई होने की भी आशंका जताई जा रही है।
कई अभ्यर्थी परीक्षा में हुए सफल, अब भूमिका की जांच
सीआइडी सूत्रों की मानें तो इस पूरे प्रकरण में शामिल कुछ अभ्यर्थी परीक्षा पास करने में भी कामयाब रहे। यह तथ्य जांच एजेंसी के लिए बेहद गंभीर है, क्योंकि इससे साफ है कि परीक्षा की शुचिता के साथ सुनियोजित तरीके से खिलवाड़ किया गया। अब सीआइडी उन तमाम अभ्यर्थियों की पहचान और भूमिका की पड़ताल में जुटी है, जिन्होंने इस गिरोह की मदद से परीक्षा पास की।
जांच का दायरा बढ़ा, नेटवर्क से जुड़े और लोगों पर शिकंजा जल्द
आरोपित की गिरफ्तारी के बाद सीआइडी अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में राजन कुमार अकेला शामिल नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। सीआइडी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपितों की तलाश में जुटी है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान राजन कुमार से मिली जानकारी के आधार पर कई अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की योजना बनाई जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की साख पर फिर उठे सवाल
JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ी का यह मामला एक बार फिर राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। पिछले कुछ वर्षों में झारखंड सहित कई राज्यों में परीक्षा पेपर लीक और नकल गिरोह से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं, जिससे लाखों ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य पर सीधा असर पड़ता है। इस मामले में सीआइडी की सख्त कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि दोषियों तक जल्द पहुंचा जाएगा और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल होगा।
सीआइडी ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और इस पूरे प्रकरण में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह परीक्षा माफिया का सरगना हो या लाभ उठाने वाला अभ्यर्थी।


