Tuesday, October 13

नई दिल्ली। भारत के बैंकिंग और डिजिटल लोन क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। देश के ‘अकाउंट एग्रीगेटर’ (AA) नेटवर्क की मदद से वित्त वर्ष 2026 (FY26) में कुल 3.82 लाख करोड़ रुपये के कर्ज बांटे गए, जिससे करीब 3.68 करोड़ लोगों और छोटे बिजनेसों को लोन मिला। नेटवर्क पर नजर रखने वाली संस्था ‘सहमति’ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अब भारत के कुल रीटेल और MSME लोन बाजार में इसकी हिस्सेदारी कीमत के लिहाज से 8.4% और लोन की संख्या के लिहाज से 11.8% तक पहुंच चुकी है।

होम लोन में 624% की रिकॉर्ड तेजी, बैंक भी बढ़ा रहे हिस्सेदारी

पहले यह सिस्टम छोटे और बिना गारंटी वाले पर्सनल लोन तक सीमित था, लेकिन अब लोग इसके जरिए घर खरीदने और संपत्ति के बदले भी लोन ले रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में इस नेटवर्क से 20,777 करोड़ रुपये के 1.09 लाख होम लोन बांटे गए, जो पिछले साल के मुकाबले 624% की भारी बढ़ोतरी है। साथ ही, वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में कुल बांटे गए डिजिटल लोन में बैंकों की हिस्सेदारी 47.3% रही, जो नॉन-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के करीब बराबर है।

महिलाओं के लिए वरदान

यह सिस्टम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है जिनका कोई पुराना लोन रिकॉर्ड या सिबिल स्कोर नहीं है इस साल लोन पाने वालों में से 18.2% लोगों ने जिंदगी में पहली बार लोन लिया। वहीं करीब 19.8% महिलाओं को कुल राशि का 19.1% हिस्सा सीधे उनके खाते में मिला। सहमति की चीफ पॉलिसी एंड एडवोकेसी ऑफिसर शालिनी गुप्ता के अनुसार, आने वाले समय में इस सिस्टम से जीएसटी, आयकर विभाग (CBDT) और पीएफ का डेटा भी जुड़ेगा, जिसके बाद नौकरीपेशा लोगों और छोटे व्यापारियों को सिर्फ कमाई के आधार पर मिनटों में लोन मिल सकेगा।

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