सरायकेला-खरसावां: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। झारखंड पुलिस, कोबरा-203, सीआरपीएफ और एसएसबी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये सभी माओवादी दलमा क्षेत्र में किसी बड़ी नक्सली वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। गिरफ्तार माओवादियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सरायकेला-खरसावां की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 4 अगस्त 2026 को वरीय अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि कांड्रा थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव के एक घर में प्रतिबंधित माओवादी संगठन के कुछ सदस्य किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही झारखंड पुलिस ने कोबरा-203, सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन और 26वीं वाहिनी एसएसबी के साथ संयुक्त अभियान शुरू किया। सुरक्षा बलों ने उदयपुर गांव पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की और संदिग्ध घर में छापेमारी की।
तीन माओवादी गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन की सब-जोनल कमेटी के सदस्य रवि सिंह सरदार उर्फ सागर सिंह सरदार उर्फ बिरेन सिंह उर्फ छोटा विजय (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक लोडेड AKM-47 रायफल, कारतूस और वॉकी-टॉकी बरामद किया गया।
रवि सिंह से पूछताछ के बाद पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा से संगठन की रीजनल कमेटी के सदस्य मदन महतो चरण उर्फ शंकर महतो (54 वर्ष), निवासी पश्चिम बंगाल, तथा सब-जोनल कमांडर मीना पहाड़िया उर्फ नेपू पहाड़िया (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया। मीना पहाड़िया, गिरफ्तार माओवादी रवि सिंह सरदार की पत्नी बताई गई है। उसके पास से 7.62 एमएम कारतूस और कोडेक्स वायर (विस्फोटक सामग्री) बरामद की गई। वहीं मदन महतो के पास से एक लोडेड 9 एमएम पिस्टल और जिंदा कारतूस मिले।
निशानदेही पर बरामद हुई इंसास रायफल और सैकड़ों कारतूस
तीनों गिरफ्तार माओवादियों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी गांव के ऊपर दलमा पहाड़ में छिपाकर रखे गए हथियार बरामद किए गए। पुलिस ने यहां से एक इंसास रायफल, AKM-47 रायफल के 208 जिंदा कारतूस और दो बंडल कोडेक्स वायर (विस्फोटक) जब्त किए। पुलिस का कहना है कि ये हथियार पहले सुरक्षा बलों से लूटे गए थे और बाद में दलमा पहाड़ में छिपा दिए गए थे।
बड़ी वारदात की थी तैयारी
पूछताछ में गिरफ्तार माओवादियों ने पुलिस को बताया कि वे पहले दलमा क्षेत्र में सक्रिय थे। हाल के दिनों में सारंडा क्षेत्र में पुलिस की लगातार कार्रवाई और दबाव बढ़ने के कारण संगठन ने अपनी गतिविधियां दलमा क्षेत्र में बढ़ाने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, तीनों किसी बड़ी नक्सली घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे कुकड़ू में पुलिस बल की हत्या कर हथियार लूटने की घटना सहित दलमा क्षेत्र की कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। पुलिस इनसे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में चला अभियान
यह संयुक्त अभियान सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, कांड्रा, चांडिल और नीमडीह थाना प्रभारियों के अलावा कोबरा-203, एसएसबी, झारखंड जगुआर तथा जिला पुलिस बल के कई अधिकारी और जवान शामिल रहे। संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से पूरे अभियान को अंजाम दिया, जिसके परिणामस्वरूप तीन सक्रिय माओवादियों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी संभव हो सकी।
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