हजारीबाग। जिले के बड़कागांव प्रखंड स्थित गोंदलपुरा में अवैध कोयला खनन के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक इसी गांव का रहने वाला था। लेकिन इस घटना के बाद जो जानकारी सामने आ रही है, वह अवैध खनन के साथ-साथ पूरे मामले को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आरोप है कि मजदूर की मौत के बाद मामले में समझौता करा दिया गया और अब थाने में प्राथमिकी भी दर्ज नहीं होगी। परिजन मृतक का शव लेकर वहां से रवाना हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, गोंदलपुरा में अवैध तरीके से कोयला खनन किया जा रहा था। इसी दौरान एक मजदूर की जान चली गई। इस अवैध खनन को संचालित करने के आरोप में नापो पंचायत के इंदिरा गांव निवासी गणेश हेंब्रम, प्रदीप सोरेन, राहुल सोरेन और जैकब सोरेन के नाम सामने आए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अवैध खनन के दौरान एक मजदूर की मौत होने के बावजूद मामला पुलिस तक किस रूप में पहुंचा और प्राथमिकी दर्ज होने से पहले ही समझौता कैसे हो गया? यदि मामला समझौते के आधार पर खत्म कर दिया गया है, तो मजदूर की मौत की जिम्मेदारी कौन तय करेगा? क्या अवैध खनन में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा की कोई जवाबदेही नहीं है?
मौत के बाद समझौता, लेकिन जवाबदेही किसकी?
अवैध खनन के दौरान किसी मजदूर की मौत कोई सामान्य घटना नहीं है। यह मजदूरों की सुरक्षा, अवैध खनन के संचालन और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर मामला है। अब सवाल यह है कि क्या इस मौत की स्वतंत्र जांच होगी या समझौते के बाद मामला यहीं खत्म हो जाएगा?
