जमशेदपुर के निखार सबलोक हत्याकांड की जांच अब सिर्फ गैंगवार और कारोबारी वर्चस्व तक सीमित नहीं रह गई है। मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अब संदिग्ध संपर्कों, आर्थिक लेन-देन और कथित मीडिया नेटवर्क से जुड़ी कड़ियों की भी पड़ताल शुरू कर दी है। इसी क्रम में सोमवार को न्यायालय के आदेश के बाद जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त टीम ने सोनारी स्थित एक कथित न्यूज संस्थान के कार्यालय में करीब डेढ़ घंटे तक तलाशी ली।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जांच का फोकस कथित मुख्य साजिशकर्ता अशोक सिंह उर्फ राघव से जुड़े नेटवर्क और उसके संभावित सहयोगियों तक भी पहुंचता दिखाई दे रहा है। हालांकि, तलाशी के दौरान पुलिस को क्या-क्या मिला और वहां से कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज या डिजिटल उपकरण बरामद हुए या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल पुलिस की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है।
छह आरोपी न्यायिक हिरासत में
निखार सबलोक हत्याकांड की जांच के दौरान एसआईटी ने राघव समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। अब जांच एजेंसी उन लोगों और संपर्कों की भूमिका खंगाल रही है, जिनके बारे में आशंका है कि वे कथित साजिश या उससे जुड़े नेटवर्क में किसी रूप में शामिल हो सकते हैं।
इसी कड़ी में सोनारी स्थित कथित ‘न्यूज 26’ कार्यालय जांच के दायरे में आया। एसआईटी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संस्थान का संचालन किसके नियंत्रण में था, आर्थिक गतिविधियां कैसे संचालित होती थीं और इसके लिए फंडिंग के संभावित स्रोत क्या थे।
राघव के कथित पुराने संपर्क भी जांच के घेरे में
सूत्रों के दावों के मुताबिक, राघव को कथित तौर पर अखिलेश सिंह का करीबी माना जाता रहा है। यह भी दावा किया जाता है कि देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या के बाद जमशेदपुर में अखिलेश सिंह से जुड़े कथित कारोबार की कमान राघव ने संभाली थी। अब पुलिस इन पुराने संपर्कों और गतिविधियों की कड़ियों को निखार सबलोक हत्याकांड से जोड़कर भी जांच कर रही है।
यूट्यूब चैनल और अखबार से कथित जुड़ाव की पड़ताल
जांच में सामने आए कथित मीडिया एंगल को लेकर भी पुलिस विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। सूत्रों का दावा है कि राघव जमशेदपुर से संचालित एक यूट्यूब चैनल से जुड़ा था और एक अंग्रेजी अखबार में भी कथित तौर पर उसकी साझेदारी थी। बताया जाता है कि संबंधित यूट्यूब चैनल पहले विक्रम शर्मा से जुड़ा था और उनकी हत्या के बाद उसके संचालन में बदलाव हुआ।
पुलिस अब संस्थान के संचालन, डिजिटल गतिविधियों, आर्थिक लेन-देन और संबंधित लोगों के बीच संपर्कों की जांच कर रही है। फिलहाल इन दावों की पुष्टि जांच पूरी होने और पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हो सकेगी।



