फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato इस समय चर्चा में है। हाल ही में कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म पर एनालॉग पनीर न बेचने का फैसला किया था, और अब एक नई खबर सामने आई है जिसने कर्मचारियों को निराश कर दिया है। कंपनी ने अपने करीब 240 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला किया है। यह छंटनी हैदराबाद स्थित कस्टमर डिलाइट यानी कस्टमर सपोर्ट ऑपरेशन में की गई है। कंपनी ने इस पूरे ऑपरेशन को बंद करके अब इसे सिर्फ गुरुग्राम की एक जगह से संचालित करने का निर्णय लिया है।

प्रदर्शन नहीं, बिजनेस रिव्यू के आधार पर लिया गया फैसला
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला अपने कस्टमर डिलाइट मॉडल और कर्मचारियों की जरूरतों को लेकर किए गए रिव्यू के बाद लिया गया है। कंपनी के मुताबिक हटाए गए कर्मचारियों के प्रदर्शन में कोई कमी नहीं थी; यह पूरी तरह से कंपनी के अपने फायदे को ध्यान में रखते हुए किया गया फैसला है।
बाहरी एजेंसियों पर बढ़ी निर्भरता बनी वजह
सूत्रों के अनुसार, पिछले छह महीनों में जोमैटो के कस्टमर सपोर्ट मॉडल में बड़ा बदलाव आया है। अब कस्टमर सपोर्ट का अधिकांश काम बाहरी एक्सपर्ट कंपनियों के जरिए किया जा रहा है। ऐसे में जो काम इन-हाउस बचा है, कंपनी उसे एक ही टीम के रूप में गुरुग्राम से संचालित करना चाहती है, ताकि यह टीम प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी, डाटा और बिजनेस टीमों के करीब रहकर काम कर सके।
कर्मचारियों को मिलेगा 4 महीने का सेवरेंस पैकेज
नौकरी गंवाने वाले सभी 240 कर्मचारियों को चार महीने की सैलरी के बराबर सेवरेंस पैकेज दिया जाएगा, जिसमें नोटिस पीरियड की सैलरी और एक बार मिलने वाली अतिरिक्त राशि शामिल होगी। इसके अलावा कर्मचारियों को 31 मार्च 2027 तक मेडिकल इंश्योरेंस और काउंसलिंग की सुविधा मिलती रहेगी। कंपनी उन्हें नए अवसर तलाशने के लिए आउटप्लेसमेंट सपोर्ट भी देगी, साथ ही कंपनी द्वारा दिए गए लैपटॉप और ईयरफोन भी निजी इस्तेमाल के लिए उन्हें सौंप दिए जाएंगे।



