Friday, October 23

लातेहार: झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नेतरहाट की नाशपाती अब स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं रहेगी। किसानों की उपज को बड़े और संगठित बाजारों तक पहुंचाने के लिए झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की पहल रंग ला रही है। इसके तहत किसानों को FPO (किसान उत्पादक संगठन) के माध्यम से सीधे संगठित खरीदारों से जोड़ा जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उचित कीमत दिलाना है। इसके लिए नाशपाती की गुणवत्ता और बाजार की मांग के अनुरूप पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा रहा है। फल की ग्रेडिंग, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और परिवहन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि नेतरहाट की नाशपाती बड़े बाजारों में बेहतर पहचान बना सके।

5 MT नाशपाती बाजार तक पहुंची

JSLPS के सेतु सेल की पहल के तहत अब तक करीब 5 मीट्रिक टन नाशपाती संगठित खरीदारों तक पहुंचाई जा चुकी है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बिचौलियों और सीमित स्थानीय बाजारों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।

वहीं, आने वाले दिनों में करीब 10 मीट्रिक टन नाशपाती की अगली खेप गुवाहाटी भेजने की तैयारी की जा रही है। गुवाहाटी जैसे बड़े बाजार से जुड़ने के बाद किसानों को अपनी उपज के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है।

किसानों के लिए बढ़ रहे नए अवसर

नेतरहाट क्षेत्र की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां नाशपाती उत्पादन के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। ऐसे में यदि स्थानीय उत्पाद को बेहतर बाजार और व्यवस्थित सप्लाई चेन मिले, तो किसानों की आमदनी बढ़ाने की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।

FPO के माध्यम से किसानों को एकजुट कर उनकी उपज को सामूहिक रूप से बाजार तक पहुंचाने से मात्रा, गुणवत्ता और सप्लाई को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा रहा है। साथ ही, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स में सुधार से फल को लंबी दूरी के बाजारों तक बेहतर स्थिति में पहुंचाने में मदद मिल रही है।

नेतरहाट की नाशपाती का संगठित बाजारों तक पहुंचना स्थानीय किसानों के लिए एक नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे प्रयासों से झारखंड के अन्य स्थानीय कृषि उत्पादों को भी बड़े बाजारों से जोड़ने का रास्ता खुल सकता है।

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