Monday, September 21

बच्चों के पासपोर्ट से जुड़े नियमों में विदेश मंत्रालय ने बड़ा बदलाव किया है। 17 सितंबर 2026 को मंत्रालय ने पासपोर्ट संशोधन नियम, 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया। नए नियम के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों के 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की वैधता अब 5 साल या बच्चे के 18 साल की उम्र तक, इनमें से जो भी पहले हो, तब तक रहेगी।

पहले क्या था नियम?

पहले 15 साल से कम उम्र में बनाए गए बच्चे के पासपोर्ट की वैधता 5 साल या बच्चे के 15 साल की उम्र पूरी होने तक रहती थी। अब इसमें बदलाव करते हुए उम्र सीमा को 18 साल कर दिया गया है। यानी 15 साल से पहले पासपोर्ट बनवाने वाले बच्चे को नए नियम के अनुसार निर्धारित अवधि तक ही पासपोर्ट मान्य रहेगा।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी बच्चे का पासपोर्ट 14 साल की उम्र में बनता है, तो 18 साल की उम्र पूरी होने तक उसकी वैधता रहेगी, क्योंकि पांच साल की अवधि पूरी होने से पहले ही वह 18 साल का हो जाएगा। वहीं, 10 साल की उम्र में पासपोर्ट बनवाने पर पांच साल बाद, यानी 15 साल की उम्र में उसकी वैधता समाप्त हो जाएगी।

पासपोर्ट फीस में भी बदलाव

नए नियमों के साथ पासपोर्ट शुल्क में भी संशोधन किया गया है। 18 साल से कम उम्र के आवेदकों के 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,000 रुपये से बढ़कर 1,750 रुपये और तत्काल पासपोर्ट की फीस 3,000 से बढ़कर 4,250 रुपये हो गई है।

वयस्कों के लिए 36 पेज के सामान्य पासपोर्ट की फीस 2,500 रुपये और तत्काल की 5,000 रुपये कर दी गई है। 60 पेज के सामान्य पासपोर्ट के लिए 3,500 रुपये और तत्काल के लिए 6,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। 60 पेज वाले डुप्लीकेट पासपोर्ट की फीस अब 8,500 रुपये होगी।

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