हजारीबाग: झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली के बीच बसे हजारीबाग शहर को जल्द ही एक नया और बेहद खूबसूरत टूरिज्म डेस्टिनेशन मिलने जा रहा है। शहर के प्रमुख और ऐतिहासिक पर्यटन स्थल ‘कनहरी हिल’ (Canary Hill) की ऊंची चोटी अब पर्यटकों के लिए और भी ज्यादा खास और आकर्षक बनने जा रही है। वन विभाग की एक महत्वाकांक्षी पहल के तहत पहाड़ी की चोटी पर छह अत्याधुनिक (मॉडर्न) कॉटेज का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य इको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को बढ़ावा देना और हजारीबाग आने वाले स्थानीय व बाहरी पर्यटकों को प्रकृति के बिल्कुल करीब रहकर एक यादगार और आरामदायक ठहराव (Staycation) का अनुभव कराना है।
ईंट-सीमेंट नहीं, महाराष्ट्र की कंपनी आधुनिक तकनीक से कर रही निर्माण
कनहरी हिल की संवेदनशील और सुंदर प्राकृतिक बनावट को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण कार्य में पारंपरिक ईंट और सीमेंट की भारी-भरकम निर्माण पद्धति को पूरी तरह दरकिनार किया गया है।
इन छह आधुनिक कॉटेज का निर्माण महाराष्ट्र की एक विशेषज्ञ निर्माण एजेंसी द्वारा किया जा रहा है। कंपनी इसके लिए अत्याधुनिक प्रेफैब्रिकेटेड (Prefabricated) और एडवांस इको-फ्रेंडली तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।
मौसम के अनुकूल ढांचा: यह तकनीक पूरी तरह से ऑल-वेदर प्रूफ़ (Weather-Proof) है। यानी भीषण गर्मी, मूसलाधार बारिश या कड़ाके की ठंड—हर मौसम में कॉटेज का अंदरूनी तापमान पर्यटकों के लिए अनुकूल और आरामदायक रहेगा।
पर्यावरण को शून्य नुकसान: पारंपरिक निर्माण में होने वाले जंगलों के कटाव, खुदाई और धूल-मिट्टी के प्रदूषण से बचा गया है। पहाड़ की प्राकृतिक चट्टानों और हरियाली को बिना कोई नुकसान पहुंचाए इन कॉटेज को असेंबल किया जा रहा है।
टिकाऊ और मजबूत संरचना: हल्का दिखने के बावजूद यह स्ट्रक्चर बेहद मजबूत, भूकंपरोधी और लंबे समय तक चलने वाला है।
कनहरी हिल की चोटी से दिखेगा हजारीबाग का मनमोहक नजारा
हजारीबाग का कनहरी हिल अपने घने जंगलों, ठंडी हवाओं और वॉच टावर के लिए पहले से ही प्रसिद्ध है। यहाँ से पूरे हजारीबाग शहर और आसपास के हरे-भरे जंगलों का विहंगम (Panoramic View) दृश्य दिखाई देता है।
अब तक पर्यटक यहाँ केवल दिन के समय घूमने आते थे और शाम होते ही उन्हें वापस लौटना पड़ता था। लेकिन इन छह कॉटेज के बन जाने के बाद:
नाइट स्टे की सुविधा: पर्यटक पहाड़ी की चोटी पर रात बिता सकेंगे।
सूर्योदय और सूर्यास्त का अहसास: कॉटेज की बालकनी से सीधे उगते और ढलते सूरज का अद्भुत नजारा देखा जा सकेगा।
तारों की छांव में ठहराव: शहर के शोर-शराबे और प्रदूषण से दूर, शांत वातावरण में तारों भरी रात का आनंद लेना पर्यटकों के लिए एक बिल्कुल नया अनुभव होगा।
वन विभाग की सोच: इको-टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा
वन विभाग हजारीबाग को झारखंड के प्रमुख टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से न केवल हजारीबाग का नाम देश के प्रमुख इको-टूरिज्म नक्शे पर मजबूती से उभरेगा, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी भारी बल मिलेगा।
कॉटेज के संचालन, रख-रखाव, कैटरिंग और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को जोड़ने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पर्यटकों के लिए उपलब्ध होंगी ये आधुनिक सुविधाएं
तैयार हो रहे कॉटेज भले ही पहाड़ की चोटी पर और प्रकृति के बीच स्थित होंगे, लेकिन इनमें पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी आधुनिक
सुख-सुविधाएं मौजूद रहेंगी:
सुसज्जित और आधुनिक इंटीरियर वाले कमरे
अटैच मॉडर्न वॉशरूम और ग्लास बालकनी
24 घंटे बिजली और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रकृति प्रेमी पर्यटकों के लिए बर्ड वाचिंग और ट्रैकिंग पॉइंट की सुविधा
झारखंड में पर्यटन के एक नए अध्याय की शुरुआत
हजारीबाग का यह प्रोजेक्ट झारखंड में ‘नेचर टूरिज्म’ को एक नई दिशा देने वाला साबित होगा। राजधानी रांची, धनबाद, बोकारो और पड़ोसी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए कनहरी हिल अब सिर्फ एक ‘विज़िटिंग स्पॉट’ न रहकर एक परफेक्ट ‘वीकेंड डेस्टिनेशन’ बन जाएगा।
वन विभाग का लक्ष्य निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा कर इसे आम जनता और पर्यटकों के समर्पित करना है। प्रकृति की गोद में आधुनिकता का यह संगम जल्द ही पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार दिखेगा।
