Tuesday, September 15

झारखंड में नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (NPU) से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह को पद से हटाने की मांग की। मंत्री ने राज्यपाल को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा।

वित्त मंत्री ने आशंका जताई कि कुलपति के पद पर बने रहने से विश्वविद्यालय में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़े साक्ष्यों के प्रभावित या नष्ट होने की संभावना हो सकती है। उन्होंने मांग की कि केवल कुलपति के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीमित करने के बजाय उन्हें पद से पूरी तरह हटाया जाए।

अंकेक्षण में सामने आईं कई अनियमितताएं

बताया गया कि वित्त मंत्री की शिकायत के बाद राज्यपाल के निर्देश पर विश्वविद्यालय का विशेष अंकेक्षण कराया गया था। वित्त विभाग की अंकेक्षण रिपोर्ट में विश्वविद्यालय में कई वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा कार्यों के संचालन के नाम पर करीब 2.50 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान किया गया। इसके अलावा कुलपति पर नियमों के विपरीत नियुक्ति और बार-बार अवधि विस्तार से संबंधित बिंदुओं का भी रिपोर्ट में उल्लेख है।

दीक्षा समारोह में भी खर्च पर सवाल

पिछले वर्ष अक्टूबर में आयोजित विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह को लेकर भी वित्तीय प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि समारोह के दौरान करीब 79.35 लाख रुपये राज्यपाल सचिवालय से बजट की स्वीकृति लिए बिना खर्च किए गए। वित्त मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राज्यपाल के निर्देशों के बावजूद कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं और कथित तौर पर एक विशेष संवेदक को लाभ पहुंचाने के लिए प्रक्रिया में बदलाव किया गया।

मंत्री के अनुसार, वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाए जाने के कुछ ही घंटे बाद कुलपति द्वारा रजिस्ट्रार का तबादला कर नए रजिस्ट्रार की नियुक्ति की गई। अब इस पूरे मामले में राज्यपाल के स्तर से आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर है।

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