रामगढ़ निवासी ने झारखंड राज्य अधिवक्ता परिषद को शिकायत भेजकर प्रैक्टिस स्टेटस और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की मांग उठाई
रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र निवासी सुभाष करमाली ने झारखंड राज्य अधिवक्ता परिषद को एक शिकायत पत्र सौंपकर अधिवक्ता नंद लाल तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि नंद लाल तिवारी नियमित रूप से वकालत नहीं करते, इसके बावजूद अपने अधिवक्ता लाइसेंस और प्रैक्टिस नंबर का विभिन्न सरकारी एवं निजी कार्यों में कथित रूप से दुरुपयोग कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने परिषद से उनके वर्तमान प्रैक्टिस स्टेटस, एलएलबी डिग्री तथा अधिवक्ता के रूप में पात्रता की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिवक्ता पूर्णकालिक रूप से अन्य व्यवसाय एवं संविदा कार्यों में लगे हैं, जबकि सरकारी अधिकारियों के समक्ष पत्राचार में अपने अधिवक्ता होने का उल्लेख कर अनुचित लाभ लेने का प्रयास करते हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व में उनके नाम का इस्तेमाल कर एक कथित झूठी शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गैर-अभ्यासरत एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वकालत करने वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए गठित व्यवस्था के आलोक में मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। शिकायतकर्ता ने परिषद से पूरे मामले की जांच कर सत्यापन कराने और दोषी पाए जाने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।



