झारखंड की सियासत में एक विश्वविद्यालय को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) के कुलपति डॉ. दिनेश कुमार सिंह पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर खुद मैदान में उतर आए हैं। बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उन्होंने राज्यपाल संतोष गंगवार से फोन पर बातचीत करते हुए कुलपति के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने की मांग रखी। इसके साथ ही उन्होंने उच्च शिक्षा सचिव राहुल पुरवार से भी इस मुद्दे पर चर्चा की।
राज्यपाल ने दिया आश्वासन, हटाने की प्रक्रिया जारी
वित्त मंत्री के मुताबिक राज्यपाल ने उन्हें भरोसा दिलाया कि कुलपति को पद से हटाने की प्रक्रिया पहले से चल रही है, और मुख्यमंत्री कार्यालय से फाइल पहुंचते ही अंतिम कार्रवाई कर दी जाएगी। यह पहला मौका नहीं है जब वित्त मंत्री ने इस मुद्दे पर राज्यपाल से संपर्क किया हो इससे पहले भी वे कई बार यह मांग उठा चुके हैं। उनका कहना है कि ऐसे कुलपति का पलामू में बने रहना उचित नहीं और उनके पूरे कार्यकाल की जांच होनी चाहिए।
अंकेक्षण रिपोर्ट में सामने आए गंभीर आंकड़े
वित्त मंत्री ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए उन्होंने राजभवन को 28 मार्च और 31 दिसंबर 2025 को पत्र भेजे थे, जिसके बाद वित्त विभाग के अंकेक्षण निदेशालय ने पड़ताल शुरू की। महज नौ महीनों के कार्यकाल में हुए खर्च में से लगभग 47 करोड़ रुपए पर आपत्ति जताई गई है, जबकि 7 करोड़ 74 लाख रुपए से ज्यादा के संभावित गबन और करीब 19.64 लाख रुपए की वसूली योग्य राशि का जिक्र किया गया है।
कोयला तस्करी पर भी सख्ती की मांग
वित्त मंत्री ने राज्य में कोयले के अवैध परिवहन से हो रहे राजस्व नुकसान का मुद्दा भी उठाया और अधिकारियों को तिरपाल से ढककर हो रही तस्करी की जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
