Friday, October 2

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के अंतिम दिन बुधवार, 30 सितंबर 2026 को झारखंड के लाखों मतदाताओं को निर्वाचन आयोग से बड़ी राहत मिली है। आयोग ने झारखंड सहित उन राज्यों में, जहां पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, ऑनलाइन मतदाता नामांकन फॉर्म-6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा वाला कॉलम हटा दिया है।

अब नहीं देनी होगी पुराने रिकॉर्ड की जानकारी

इस बदलाव के बाद नए मतदाताओं को फॉर्म-6 भरते समय अपने माता-पिता या दादा-दादी के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। सामान्य मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान अब ऐसी कोई जानकारी नहीं मांगी जाएगी।

क्या था पुराना नियम

SIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-6 में एक अतिरिक्त घोषणा मांगी जा रही थी। इसमें नए आवेदकों से पूछा जाता था कि वे स्वयं या उनके माता-पिता या दादा-दादी पहले किसी गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार मतदाता सूची में दर्ज थे या नहीं। यदि परिवार का कोई सदस्य पुरानी सूची में दर्ज था, तो उसकी जानकारी देने का विकल्प था।

गैर-SIR अवधि में सामान्य फॉर्म-6

निर्वाचन आयोग के अनुसार, SIR से जुड़ी यह अतिरिक्त घोषणा केवल पुनरीक्षण अवधि के दौरान लागू रहने वाली अनिवार्यता थी। SIR पूरा होने के बाद गैर-SIR अवधि में मतदाता पंजीकरण के लिए ‘निर्वाचन पंजीकरण नियम, 1960’ के तहत तय सामान्य फॉर्म-6 का ही इस्तेमाल होगा। नए मतदाता अब इसी वैधानिक प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से भी हटा विकल्प

जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां ECINET ऐप, मुख्य पोर्टल और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पोर्टल से भी अतिरिक्त घोषणा वाला विकल्प हटा दिया गया है। यानी ऑनलाइन आवेदन करने वाले नए मतदाताओं को अब केवल सामान्य फॉर्म भरना होगा।

मतदाताओं के लिए क्या मायने

इस फैसले से नए मतदाताओं, खासकर पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो जाएगी। अब उन्हें परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड खंगालने या उससे जुड़ी जानकारी देने की झंझट से नहीं गुजरना पड़ेगा। झारखंड के मतदाताओं ने इस बदलाव को राहत के रूप में देखा है।

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