रांची/चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन विष्णुगढ़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए हादसे में झारखंड के श्रमिकों के प्रभावित होने की पुष्टि हुई है। हादसे में झारखंड के एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य के सुरंग में फंसे होने की सूचना है। इसके अलावा झारखंड के पांच श्रमिक घायल हुए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
घटना मायापुर, पीपलकोटी क्षेत्र में गुरुवार शाम उस समय हुई, जब निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा भर गया और सुरंग का एक हिस्सा धंस गया। हादसे के वक्त सुरंग के भीतर कुल 29 श्रमिक काम कर रहे थे। इनमें से 19 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन श्रमिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इनके रेस्क्यू के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
झारखंड के सात श्रमिक प्रभावित
हादसे में झारखंड के कुल सात श्रमिक प्रभावित हुए हैं। इनमें पूर्वी सिंहभूम के डूगरिया प्रखंड अंतर्गत पलसबनी निवासी श्विजय हांसदा की मौत हो गई है। राज्य सरकार और संबंधित कंपनी की ओर से उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एंबुलेंस से शव को उनके गांव के लिए रवाना किया जा रहा है।
वहीं, हादसे में घायल झारखंड के पांच श्रमिकों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। इनमें खूंटी जिले के तपकरा निवासी हाबिल गुड़िया, तोरपा निवासी निथिर भिंगरा और सुरुने निवासी दीना बेगरा शामिल हैं। इन तीनों को हल्की चोटें आई हैं।
इसके अलावा गुमला जिले के कटकाही निवासी विनोद रावना के दाहिने पैर में फ्रैक्चर हुआ है। वहीं, पूर्वी सिंहभूम के डूगरिया निवासी खेला राम बिसरा गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। सभी घायलों को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
एक झारखंडी श्रमिक अब भी लापता
सुरंग में फंसे तीन श्रमिकों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। इनमें से एक श्रमिक के झारखंड का निवासी होने की पुष्टि हुई है। उसकी पहचान और मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाने के साथ राज्य सरकार उसकी सुरक्षित वापसी के लिए उत्तराखंड प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सक्रिय हुआ नियंत्रण कक्ष
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम आयुक्त कार्यालय के अधीन संचालित राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को तत्काल सक्रिय किया। नियंत्रण कक्ष को उत्तराखंड प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए प्रभावित श्रमिकों एवं उनके परिजनों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से मृतक श्रमिक के पार्थिव शरीर को झारखंड लाने, घायलों के उपचार की निगरानी तथा लापता श्रमिक की सुरक्षित तलाश के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है।
मुआवजा और सहायता की प्रक्रिया भी शुरू
मृतक श्रमिक के परिवार को अंतिम संस्कार के लिए कंपनी की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से पात्रता के अनुसार मुआवजा, बीमा राशि और अन्य वैधानिक लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सरकार का फोकस फिलहाल सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और मृतक श्रमिक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके पैतृक गांव पहुंचाने पर है।
इसे भी पढ़े – तिरुपति में 2 करोड़ की मोबाइल चोरी का साहिबगंज कनेक्शन, तीन आरोपी गिरफ्तार
