रांची: JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ झारखंड भाजपा ने राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। चार दिवसीय आंदोलन के पहले दिन रांची में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में डीसी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान कार्यकर्ता कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे और अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
भाजपा का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ नहीं, बल्कि आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमों के विरोध में भी है।
भाजपा की दो टूक- छात्रों पर दर्ज FIR वापस हो
भाजपा ने सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली मांग है कि छात्र आंदोलन के दौरान 300 से अधिक छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाए।
पार्टी का आरोप है कि छात्रों ने अपने अधिकारों को लेकर आंदोलन किया, लेकिन उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें दबाने की कोशिश की गई। भाजपा ने सरकार से इन मामलों को वापस लेने की मांग की है।
दूसरी बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक की जांच CID के बजाय CBI से कराने की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए CBI जांच जरूरी है।
आदित्य साहू बोले- सरकार ने मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि पार्टी पहले भी इस मुद्दे को लेकर संबंधित स्तर पर अपनी मांगें रख चुकी है। उनके मुताबिक भाजपा ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था और 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया गया था, लेकिन मांगों पर अपेक्षित पहल नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि छात्रों के हित और उनके अधिकारों की लड़ाई में भाजपा पीछे नहीं हटेगी। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
सीपी सिंह की चेतावनी- यह सिर्फ शुरुआत है
रांची विधायक सीपी सिंह ने प्रदर्शन को लेकर कहा कि यह आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो भाजपा इससे भी बड़ा आंदोलन करेगी।
JSSC-CGL मामले की CBI जांच की मांग को दोहराते हुए भाजपा नेताओं ने CID जांच पर भी सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि CID जांच के जरिए सरकार के कुछ प्रभावशाली चेहरों को बचाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा नेताओं के मुताबिक CBI जांच होने पर मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है और दोषियों तक पहुंचना संभव होगा।
‘झारखंड के छात्रों के अधिकार से हुआ खिलवाड़’
आदित्य साहू ने भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय छात्रों के अधिकार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिन सरकारी नौकरियों पर झारखंड के छात्रों का अधिकार होना चाहिए था, उनमें बाहरी छात्रों को अवसर दिया गया।
उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षा का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि खोरठा और नागपुरी जैसी भाषाओं की परीक्षा में ऐसे छात्रों का चयन हुआ, जिन्हें इन भाषाओं की जानकारी तक नहीं है। वहीं, इन भाषाओं को बोलने वाले झारखंड के कई छात्र परीक्षा में सफल नहीं हो सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इसे परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का उदाहरण बताते हुए कहा कि इससे झारखंड के छात्रों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ हुआ है।
आंदोलनकारी छात्रों के साथ खड़ी BJP
भाजपा ने आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भी सरकार को घेरा। आदित्य साहू ने दावा किया कि छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से आंदोलन किया था।
उनके अनुसार, आंदोलन के दौरान छात्रों ने न तो किसी नेता को गाली दी और न ही अभद्र टिप्पणी की। इसके बावजूद उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। भाजपा का आरोप है कि इन मुकदमों के जरिए छात्रों में डर पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा शुरू से आंदोलनकारी छात्रों के साथ खड़ी है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई में उनका साथ देती रहेगी। उन्होंने साफ किया कि छात्रों के साथ अन्याय या अत्याचार हुआ तो पार्टी इसके खिलाफ आंदोलन जारी रखेगी।
चार दिवसीय आंदोलन से सरकार पर बढ़ेगा दबाव?
JPSC-JSSC CGL विवाद को लेकर लंबे समय से चल रहे राजनीतिक टकराव के बीच भाजपा का यह राज्यव्यापी आंदोलन सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। रांची में DC कार्यालय के घेराव के साथ शुरू हुए इस आंदोलन में भाजपा ने एक बार फिर CBI जांच और छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को प्रमुखता से उठाया है।
अब देखना होगा कि सरकार भाजपा की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और छात्रों पर दर्ज मुकदमों तथा JSSC-CGL मामले की जांच को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
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