दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले में CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा और फॉरेंसिक जांच पर नजर; 17 वर्षीय किशोर के परिजनों ने आश्रम के बाहर दिया धरना, नोएडा की युवती और 10 वर्षीय बच्चे की तलाश भी चर्चा में
वृंदावन/मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े आश्रम की गतिविधियां इन दिनों चर्चा में हैं। आश्रम से जुड़े भवन में रहने वाले शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद कई सवाल उठे हैं। इसी बीच 17 वर्षीय किशोर अनुज चौधरी के लापता होने और उसके परिजनों के आश्रम के बाहर धरने पर बैठने की खबर सामने आई। इसके अलावा नोएडा की 38 वर्षीय युवती विभा और वृंदावन में ढाबे पर काम करने वाली महिला के 10 वर्षीय बेटे वंश के लापता होने की जानकारी भी मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है।
इन घटनाओं के सामने आने के बाद आश्रम से जुड़े घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इन सभी मामलों के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिष्य की मौत की जांच और अलग-अलग गुमशुदगी के मामलों को अलग-अलग तथ्यों के आधार पर देखना जरूरी है।
25 सितंबर को शिष्य की मौत से शुरू हुआ विवाद
मामले का सबसे गंभीर पहलू दीपक लोधी की मौत है। उन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और वर्ष 2024 से वृंदावन में रह रहे थे।
बताया गया कि 25 सितंबर 2026 को वृंदावन में गऊ कृपा कुंज के पास बने भवन की चौथी मंजिल से दीपक नीचे गिर गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
शुरुआती जानकारी में आत्महत्या की आशंका जताई गई थी। हालांकि, घटना के बाद सामने आई परिस्थितियों और शरीर पर मिली चोटों को लेकर कई सवाल उठे। पुलिस मामले की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दीपक की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।
शरीर पर गंभीर चोटें, कमरे में मिला ग्राइंडर
दीपक की मौत के मामले में पोस्टमार्टम से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद जांच की दिशा को लेकर चर्चा तेज हुई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनके सिर, पसलियों और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें थीं। उनके निजी अंग पर चोट होने की बात भी रिपोर्टों में कही गई है।
इसके अलावा, दीपक के कमरे से ग्राइंडर मिलने की जानकारी सामने आई। पुलिस इस उपकरण और घटनास्थल से जुटाए गए अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि चोटें किन परिस्थितियों में लगीं और उनका मौत से क्या संबंध था।
इस मामले में फॉरेंसिक जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, केवल चोटों या कमरे में मिले किसी उपकरण के आधार पर किसी दूसरे व्यक्ति की संलिप्तता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। घटना की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
33 सेकंड के CCTV फुटेज से क्या सामने आया?
दीपक की मौत के मामले में CCTV फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है। 2 अक्टूबर को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना से पहले का लगभग 33 सेकंड का फुटेज सामने आया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, फुटेज में दीपक छत पर कुछ समय तक बैठे दिखाई देते हैं। इसके बाद वह अचानक उठते हैं और नीचे गिर जाते हैं। इसी दौरान एक अन्य शिष्य सीढ़ियों से छत की ओर आता दिखाई देता है, लेकिन उसके पहुंचने से पहले दीपक नीचे गिर चुके होते हैं।
इस फुटेज के सामने आने के बाद घटना से पहले के घटनाक्रम को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, CCTV में दिखाई देने वाली गतिविधियां अपने आप यह स्पष्ट नहीं करतीं कि कमरे में पहले क्या हुआ था या दीपक की मौत के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
पुलिस को फुटेज का अन्य साक्ष्यों से मिलान करके घटना की कड़ियों को जोड़ना होगा।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की?
दीपक की मौत के मामले में मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और CCTV फुटेज, मोबाइल फोन तथा फॉरेंसिक जांच के आधार पर मामले की पड़ताल की है।
1. CCTV फुटेज खंगाले गए
पुलिस घटनास्थल और आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि दीपक की मौत से पहले क्या हुआ और उस दौरान कौन-कौन लोग आसपास मौजूद थे।
2. मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा की जांच
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दीपक के मोबाइल फोन और उससे संबंधित डिजिटल जानकारी की पड़ताल की जा रही है। कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध डेटा से घटना से पहले उनके संपर्कों तथा गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
3. ग्राइंडर और फॉरेंसिक साक्ष्यों की पड़ताल
दीपक के कमरे से मिले ग्राइंडर तथा घटनास्थल से जुटाए गए अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शरीर पर मिली चोटें किन परिस्थितियों में लगीं।
4. पोस्टमार्टम और नमूनों की जांच
पोस्टमार्टम में शरीर के कई हिस्सों में चोटों का उल्लेख सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों में रक्त के नमूने फॉरेंसिक साइंस लैब भेजे जाने की जानकारी भी दी गई थी। जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े संभावित कारणों और परिस्थितियों को स्पष्ट करना है।
5. आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ
रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस दीपक के साथ रहने वाले शिष्यों और आश्रम से जुड़े लोगों से जानकारी जुटा रही थी। जांच में यह समझने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले दीपक की किसी से बातचीत हुई थी या नहीं और उनके साथ रहने वाले लोगों को उनकी स्थिति के बारे में क्या जानकारी थी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इन कार्रवाइयों का अंतिम परिणाम अभी स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना या घटना को हत्या अथवा आत्महत्या घोषित करना उचित नहीं होगा।
परिजनों ने उठाए सवाल, मुलाकात नहीं होने का दावा
दीपक की मौत के बाद उनके परिजनों ने भी सवाल उठाए थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, परिवार का कहना था कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वे वृंदावन पहुंचे, लेकिन उन्हें दीपक के बारे में तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
परिजनों ने यह भी दावा किया कि दीपक के दीक्षा लेने के बाद उनसे मिलना मुश्किल हो गया था। परिवार का कहना था कि उन्होंने कई बार उनसे मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें इंतजार करने के लिए कहा जाता था।
परिवार की ओर से उठाए गए इन सवालों के बीच घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, परिवार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और मौत के कारणों का निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही किया जा सकता है।
17 वर्षीय अनुज चौधरी लापता, आश्रम के बाहर धरने पर बैठे परिजन
दीपक की मौत के मामले के बीच 17 वर्षीय अनुज चौधरी के लापता होने की खबर भी सामने आई। 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, अनुज के परिजन उसकी तलाश में वृंदावन पहुंचे और संत प्रेमानंद महाराज के राधा केलि कुंज आश्रम के बाहर धरने पर बैठ गए।
रिपोर्ट के अनुसार, परिजन अपने बेटे का पता लगाने और उसे सुरक्षित वापस लाने की मांग कर रहे थे। परिवार की ओर से आश्रम से जुड़े लोगों पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई।
इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि अनुज कहां है और किन परिस्थितियों में लापता हुआ। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच जरूरी है, लेकिन केवल धरना दिए जाने से यह साबित नहीं होता कि किशोर आश्रम में मौजूद है या उसके लापता होने में आश्रम की भूमिका है।
अनुज के मामले में पुलिस ने क्या किया?
अनुज के मामले में पुलिस की अब तक की पूरी कार्रवाई, शिकायत की वर्तमान स्थिति और तलाश से जुड़े नवीनतम परिणामों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि पुलिस ने किन-किन स्थानों पर तलाशी ली, किसी संदिग्ध से पूछताछ की या किशोर को बरामद कर लिया है।
इसलिए इस मामले में पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। किशोर की सुरक्षा और उसके वर्तमान ठिकाने का पता लगाना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
नोएडा की 38 वर्षीय युवती विभा भी लापता
लापता लोगों से जुड़ा एक अन्य मामला नोएडा की रहने वाली 38 वर्षीय विभा का है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उनके पिता उमेश सिन्हा अपनी बेटी की तलाश में वृंदावन पहुंचे थे।
परिवार का कहना था कि विभा 15 अगस्त 2026 को घर से प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए निकली थीं। वह महाराज से दीक्षा लेना चाहती थीं। इसके बाद से उनका पता नहीं चल सका।
रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार ने नोएडा पुलिस से भी शिकायत की थी। बेटी की तलाश में परिजन वृंदावन पहुंचे, लेकिन रिपोर्ट प्रकाशित होने तक उन्हें उसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं मिली थी।
युवती की तलाश में पुलिस की भूमिका
विभा के मामले में शिकायत और पुलिस की कार्रवाई की वर्तमान स्थिति की पुष्टि जरूरी है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों से उनके लापता होने के बारे में परिवार का पक्ष सामने आता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं होता कि पुलिस की जांच कहां तक पहुंची है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि विभा वर्तमान में वृंदावन में हैं या कहीं और। इसलिए उनके आश्रम में मौजूद होने का दावा करना उचित नहीं होगा।
ढाबे पर काम करने वाली महिला का 10 वर्षीय बेटा वंश भी गायब
तीसरा मामला वृंदावन में ढाबे पर काम करने वाली महिला अनीता के 10 वर्षीय बेटे वंश से जुड़ा है।
हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, अनीता मूल रूप से नजफगढ़ की रहने वाली हैं और वृंदावन में ढाबे पर खाना बनाने का काम करती हैं। उनके मुताबिक, वह करीब छह दिन पहले किसी काम से अपने गांव गई थीं और अपने बेटे को ढाबे पर छोड़ गई थीं। जब वह वापस लौटीं, तो वंश वहां नहीं मिला।
इसके बाद उन्होंने अपने बेटे की तलाश शुरू की। रिपोर्ट के अनुसार, अनुज चौधरी के परिजनों के धरने के दौरान अनीता भी वहां पहुंचीं और बेटे के लापता होने की जानकारी दी।
बच्चे के मामले में भी जांच की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी
वंश के लापता होने के मामले में पुलिस को दी गई शिकायत, तलाश के लिए उठाए गए कदमों और वर्तमान स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। उपलब्ध रिपोर्टों से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि बच्चा आश्रम में है या उसका दीपक की मौत और अन्य गुमशुदगी के मामलों से कोई संबंध है।
बच्चे की उम्र को देखते हुए उसकी सुरक्षित बरामदगी और लापता होने की परिस्थितियों का पता लगाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
क्या सभी घटनाओं का आपस में कोई संबंध है?
वृंदावन में सामने आए इन मामलों के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शिष्य की मौत, किशोर के लापता होने और युवती तथा बच्चे की गुमशुदगी के बीच कोई सीधा संबंध है।
फिलहाल उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर ऐसा कोई पुष्ट प्रमाण सामने नहीं है, जिससे इन सभी घटनाओं को एक ही मामले का हिस्सा बताया जा सके।
दीपक की मौत की जांच में CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक साक्ष्य महत्वपूर्ण हैं। दूसरी ओर, अनुज, विभा और वंश के मामले अलग-अलग गुमशुदगी के मामलों के रूप में देखे जाने चाहिए।
इन घटनाओं का एक ही स्थान या आश्रम से चर्चा के स्तर पर जुड़ना अपने आप किसी साजिश, अपराध या संस्थागत संलिप्तता को साबित नहीं करता। इसके लिए ठोस साक्ष्य और जांच के निष्कर्ष जरूरी हैं।
आश्रम के कार्यक्रम स्थगित होने की खबर
दीपक की मौत के बाद आश्रम से जुड़ी गतिविधियों में बदलाव की खबर भी सामने आई। 2 अक्टूबर को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम ने दीक्षा समारोह और प्रेमानंद महाराज के आशीर्वाद दर्शन से जुड़े कार्यक्रमों को 1 अक्टूबर से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की जानकारी दी थी।
रिपोर्ट में वृंदावन में दीक्षित शिष्यों के पहनावे को लेकर निर्देशों में बदलाव और प्रेमानंद महाराज के मांट-बेलवन स्थित आश्रम में एकांतवास में रहने की जानकारी भी दी गई थी।
इन घटनाक्रमों के बीच आश्रम की गतिविधियां चर्चा में हैं। हालांकि, कार्यक्रम स्थगित किए जाने को किसी आरोप की पुष्टि या दीपक की मौत से सीधे जोड़ने के लिए स्वतंत्र प्रमाण आवश्यक हैं।
अब किन सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं?
पूरे मामले में कई सवाल हैं, जिनके जवाब जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मिल सकेंगे।
- दीपक लोधी की मौत किन परिस्थितियों में हुई?
- पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच के अंतिम निष्कर्ष क्या हैं?
- CCTV फुटेज और मोबाइल डेटा से जांचकर्ताओं को क्या जानकारी मिली?
- अनुज चौधरी वर्तमान में कहां है और उसकी तलाश कहां तक पहुंची?
- विभा और 10 वर्षीय वंश के लापता होने के मामलों में पुलिस की जांच की वर्तमान स्थिति क्या है?
- क्या इन अलग-अलग मामलों के बीच कोई संबंध सामने आया है?
इन सवालों के जवाब के लिए पुलिस की आधिकारिक जानकारी और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी तस्वीर
वृंदावन में दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत और अन्य लोगों के लापता होने की खबरों ने कई सवाल खड़े किए हैं। एक ओर दीपक की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना जरूरी है, तो दूसरी ओर लापता किशोर, युवती और बच्चे का पता लगाना उनके परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता है।
मौत के मामले में CCTV फुटेज, मोबाइल डेटा, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। वहीं, गुमशुदगी के मामलों में पुलिस की कार्रवाई और तलाश के नतीजों की पुष्टि आवश्यक है।
फिलहाल सवाल उठे हैं, लेकिन आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक बयानों के सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रत्येक मामले में वास्तव में क्या हुआ और क्या किसी मामले का दूसरे से कोई संबंध है।
इसे भी पढ़े –पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपये महंगा: झारखंड में भी बढ़ेगा खर्च, जानिए कहां पड़ेगा असर

