रांची: खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक के खिलाफ झारखंड में सियासी विरोध तेज होता नजर आ रहा है। रांची में महागठबंधन में शामिल राष्ट्रीय जनता दल (RJD), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और भाकपा माले (CPI-ML) के नेताओं ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर विधेयक का विरोध किया।
प्रेस वार्ता में नेताओं ने कहा कि संसद से पारित इस विधेयक के खिलाफ झारखंड में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। उनका आरोप है कि विधेयक के प्रावधानों से झारखंड के खनिज और आर्थिक हित प्रभावित हो सकते हैं।
राज्यपाल और राष्ट्रपति को भेजेंगे आवेदन
महागठबंधन के नेताओं ने कहा कि विधेयक को लेकर झारखंड के हितों से जुड़े मुद्दों को राज्यपाल और राष्ट्रपति के समक्ष रखा जाएगा। इसके लिए आवेदन भेजकर उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी।
नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि विधेयक के जरिए झारखंड के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक दलों के हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
झारखंड में आंदोलन की तैयारी
संयुक्त प्रेस वार्ता में नेताओं ने स्पष्ट किया कि विधेयक के विरोध में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनन से जुड़े किसी भी कानून में बदलाव का राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्थानीय हितों पर असर पड़ सकता है।
महागठबंधन के घटक दलों ने इस मुद्दे पर मिलकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है। आने वाले दिनों में विरोध कार्यक्रमों की रूपरेखा सामने आने की उम्मीद है।
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