राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम पहल की जा रही है। इसको लेकर आयोजित बैठक में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता बढ़ाने, अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या में विस्तार, छात्रावास एवं अतिथिगृह जैसी सुविधाओं के विकास और मरीजों के आवागमन को सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी :
अपर मुख्य सचिव के कार्यालय कक्ष में हुई बैठक में विभाग की विशेष सचिव डॉ नेहा अरोड़ा, संयुक्त सचिव ललित कुमार शुक्ला सहित विभाग के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों की मौजूदा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम उठाने पर चर्चा हुई।
मरीजों को बेहतर और सुविधाजनक उपचार व्यवस्था उपलब्ध कराना उद्देश्य :
बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के साथ मरीजों को बेहतर और सुविधाजनक उपचार व्यवस्था उपलब्ध कराना रहा। चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर जोर देते हुए संस्थानों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत रेखांकित की गई। इससे चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग के अनुरूप तैयारी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने पर जोर :
बैठक में अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता बढ़ाने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। अस्पतालों में मरीजों की जरूरत के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार होने से उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। बिस्तरों की संख्या बढ़ने से मरीजों को भर्ती करने की क्षमता में वृद्धि होगी और अस्पतालों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी।
छात्रावास और अतिथिगृह सुविधाओं का होगा विस्तार :
चिकित्सा संस्थानों में छात्रावास और अतिथिगृह जैसी सुविधाओं के विकास को भी महत्वपूर्ण माना गया। इन सुविधाओं से विद्यार्थियों, कर्मचारियों और संस्थानों में आने वाले लोगों को सहूलियत मिल सकेगी। इसके साथ ही अस्पताल परिसरों में मरीजों के आवागमन को आसान बनाने पर जोर दिया गया, ताकि चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
