Tuesday, October 13

बोकारो/चास: ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर दुकानदारों को झांसा देकर सामान लेने का मामला चास में सामने आया है। आरोप है कि दो युवक पहले सामान खरीदते हैं, फिर QR कोड स्कैन कर भुगतान का दावा करते हैं और मोबाइल स्क्रीन दिखाकर वहां से निकलने की कोशिश करते हैं। पिछले दो-तीन दिनों में अलग-अलग दुकानों पर इस तरह की शिकायत सामने आने की बात कही जा रही है।

सोमवार को चास मेन रोड स्थित थाना गली में एक दुकानदार की सतर्कता से दोनों युवकों में से एक पकड़ लिया गया, जबकि दूसरा मौके से भाग निकला।

हॉर्लिक्स लेने पहुंचे थे, दुकानदार को हुआ शक

मामला चंडी मोदक की दुकान से शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक वहां हॉर्लिक्स खरीदने पहुंचे थे। सामान लेने के बाद उन्होंने ऑनलाइन भुगतान करने की बात कही। दुकानदार ने QR कोड दे दिया।

युवकों ने मोबाइल से भुगतान करने का दावा किया और मोबाइल स्क्रीन भी दिखाई। इसके बाद वे दुकान से निकलने लगे। लेकिन दुकानदार ने खाते में रकम आने की पुष्टि की तो पता चला कि पेमेंट हुआ ही नहीं था।

दुकानदार ने दोनों को रोक लिया। देखते ही देखते आसपास के दुकानदार भी वहां जुट गए और दोनों युवकों को पहचानने की बात कही।

दूसरे दुकानदारों ने भी लगाया पहले ठगी का आरोप

मौके पर मौजूद कुछ दुकानदारों ने आरोप लगाया कि दोनों युवक इससे पहले भी इसी तरीके से सामान लेने की कोशिश कर चुके हैं। उनके मुताबिक, एक राशन दुकान से छह लीटर तेल, चिकन दुकान से करीब दो किलो मुर्गा और श्रृंगार की दुकान से भी सामान लेकर ऑनलाइन भुगतान का दावा किया गया था।

हालांकि, इन घटनाओं में दोनों युवकों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

भीड़ जुटते ही एक फरार, दूसरा पुलिस के हवाले

विवाद के दौरान भीड़ बढ़ने लगी तो एक युवक मौका देखकर वहां से फरार हो गया। दूसरे युवक को दुकानदारों ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

पकड़ा गया युवक खुद को रामनगर कॉलोनी का रहने वाला बता रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और फरार युवक की तलाश में जुटी है।

पिछले मामलों की भी जानकारी जुटा रही पुलिस

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले दो-तीन दिनों में सामने आई ऐसी घटनाओं के पीछे भी इन्हीं युवकों का हाथ है या नहीं। इसके अलावा फरार युवक की पहचान और उसके ठिकाने का भी पता लगाया जा रहा है।

इस घटना के बाद दुकानदारों के बीच ऑनलाइन पेमेंट को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। मामला यह भी सामने लाता है कि मोबाइल स्क्रीन पर भुगतान का दावा दिखाना और वास्तव में खाते में रकम पहुंचना दो अलग बातें हैं। ऐसे में भुगतान की पुष्टि बैंक खाते या पेमेंट ऐप में रकम आने के बाद ही करना जरूरी है।

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