रांची: राजधानी रांची को स्वच्छ और ऊर्जा दक्ष बनाने की दिशा में रांची नगर निगम ने एक और पहल की है। गांधी जयंती के अवसर पर नगर निगम कार्यालय में 50 किलोवाट क्षमता के हाइब्रिड सोलर पैनल सिस्टम का शुभारंभ किया गया। जरेडा के माध्यम से स्थापित किए गए इस सिस्टम में बैटरी की सुविधा भी शामिल है। महापौर रोशनी खलखो ने इसका विधिवत उद्घाटन किया।

नगर निगम के अनुसार, सौर ऊर्जा आधारित इस व्यवस्था से कार्यालय की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता, विद्युत खपत और ऊर्जा पर होने वाले खर्च को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
बेसमेंट से लेकर दूसरी मंजिल तक सौर ऊर्जा से बिजली आपूर्ति
नगर निगम कार्यालय में लगाए गए 50 किलोवाट क्षमता के हाइब्रिड सोलर सिस्टम से कार्यालय के विभिन्न हिस्सों में विद्युत भार का वितरण किया गया है। इसके तहत बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर और सेकंड फ्लोर का संपूर्ण विद्युत भार इस सिस्टम से जोड़ा गया है।
इसके अलावा कार्यालय की अन्य मंजिलों पर आवश्यकता के अनुसार विद्युत भार का वितरण किया गया है। बैटरी युक्त हाइब्रिड सिस्टम होने के कारण सौर ऊर्जा के उत्पादन और उसके उपयोग को अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सकेगा।
बिजली की खपत और खर्च कम करने का लक्ष्य
नगर निगम कार्यालय में रोजाना बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। ऐसे में कार्यालय की बिजली आवश्यकता के एक हिस्से को सौर ऊर्जा से पूरा करने की व्यवस्था से पारंपरिक विद्युत स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने से बिजली की खपत और विद्युत व्यय में कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि वास्तविक बचत सिस्टम के उत्पादन, कार्यालय की खपत और अन्य परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
पर्यावरण संरक्षण में भी मिलेगी मदद
सौर ऊर्जा को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के प्रमुख स्रोतों में माना जाता है। इसके इस्तेमाल से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कदम बढ़ाया जा सकता है।
नगर निगम के अनुसार, कार्यालय में सौर ऊर्जा अपनाने से कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी। इसके जरिए निगम की कार्यप्रणाली में ग्रीन और सस्टेनेबल प्रैक्टिस को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
महापौर बोलीं- ऊर्जा संरक्षण आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी
महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल वर्तमान समय की जरूरत नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि रांची नगर निगम द्वारा सौर ऊर्जा को अपनाना पर्यावरण संरक्षण के साथ ऊर्जा की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि निगम की कोशिश है कि अपनी कार्यप्रणाली में अधिक से अधिक ग्रीन और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज को शामिल किया जाए। सौर ऊर्जा का इस्तेमाल इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
निगम की इमारत को ऊर्जा दक्ष बनाने की कोशिश
50 किलोवाट के हाइब्रिड सोलर सिस्टम की स्थापना को नगर निगम कार्यालय को अधिक ऊर्जा दक्ष बनाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है। सौर ऊर्जा के उत्पादन के साथ बैटरी की सुविधा उपलब्ध होने से उत्पादित बिजली के उपयोग को जरूरत के अनुसार प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।
निगम की इस पहल का उद्देश्य केवल बिजली का विकल्प तैयार करना नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी है। भविष्य में इस तरह की व्यवस्थाओं के विस्तार से अन्य नगर निगम भवनों और सार्वजनिक परिसरों को भी ऊर्जा दक्ष बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान उप महापौर नीरज कुमार, नगर आयुक्त सुशांत गौरव, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार, उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त, नगर प्रबंधक समेत निगम के अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


