दुर्गापूजा के समापन पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ बेकाबू, बैरिकेडिंग तोड़ मंच तक पहुंचे लोग; चप्पल-जूते और पत्थर फेंके जाने से मची अफरातफरी
झारखंड के गिरिडीह जिले में दुर्गापूजा के समापन पर आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम उस समय हंगामे में बदल गया, जब मशहूर मगही गायक रोशन रोही और भोजपुरी गायिका निशा दुबे की प्रस्तुति के दौरान अचानक बवाल शुरू हो गया। देखते ही देखते कार्यक्रम स्थल पर चप्पल-जूते और पत्थर फेंके जाने लगे। भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और कुछ लोग मंच तक पहुंच गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोगों के बीच अफरातफरी मच गई।
घटना देवरी प्रखंड के मानिकबाद की है। यहां पवन बिहारी के सौजन्य से दुर्गापूजा के समापन के मौके पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में रोशन रोही और निशा दुबे समेत कई कलाकारों को अपनी प्रस्तुति देनी थी। चर्चित कलाकारों को देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। लेकिन भीड़ बढ़ने के साथ ही कार्यक्रम में अव्यवस्था पैदा हो गई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
क्षमता से अधिक भीड़ जुटने से बिगड़ी व्यवस्था
कार्यक्रम में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी। हर कोई मंच के करीब पहुंचकर कलाकारों को देखना चाहता था। भीड़ अधिक होने के कारण पीछे खड़े लोगों को कार्यक्रम देखने में परेशानी हो रही थी। इसी बीच कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति ऐसी हो गई कि कार्यक्रम को संभालना आयोजकों और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के लिए मुश्किल हो गया।
बताया जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग भी टूट गई। इसके बाद कुछ लोग मंच की ओर बढ़ने लगे और कुछ के मंच पर चढ़ने की कोशिश करने की बात सामने आई। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी फैल गई।
मंच की ओर फेंके गए चप्पल-जूते और पत्थर
खोरीमहुआ के एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के अनुसार, कार्यक्रम में जरूरत से ज्यादा भीड़ जुट गई थी। कई लोग मंच पर चल रही प्रस्तुति को ठीक से नहीं देख पा रहे थे। इसी बीच कुछ लोगों ने मंच की ओर चप्पल-जूते और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इससे विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते हंगामे ने गंभीर रूप ले लिया।
बैरिकेडिंग तोड़कर मंच की ओर बढ़ने की घटना के बाद स्थिति और बिगड़ गई। हंगामे के दौरान लाठी-डंडे चलने की सूचना भी सामने आई है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम में कितने लोग शामिल थे और किसी को चोट लगी या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।
हालात संभालने के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज
कार्यक्रम स्थल पर स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने और हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और कुछ समय के लिए कार्यक्रम स्थल पर पूरी तरह अव्यवस्था का माहौल रहा।
घटना ने बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना पहले से रहती है। ऐसे में प्रवेश और निकास के रास्ते, बैरिकेडिंग, मंच की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने के पर्याप्त इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं।
बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रोशन रोही और निशा दुबे जैसे चर्चित कलाकारों की प्रस्तुति के कारण कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटी थी। लेकिन भीड़ के दबाव के बीच व्यवस्था बिगड़ने से पूरा आयोजन हंगामे की भेंट चढ़ गया। पत्थरबाजी, बैरिकेडिंग टूटने और पुलिस के लाठीचार्ज की घटना ने आयोजनों में सुरक्षा इंतजामों की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
फिलहाल, घटना के दौरान हंगामा शुरू होने के सटीक कारण, इसमें शामिल लोगों और किसी के घायल होने को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस के आधिकारिक बयान और आगे की कार्रवाई से ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


