रांची: राजधानी रांची में 21 अगस्त की शाम JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच की ओर से निकाले गए विरोध जुलूस के दौरान हुए हंगामे को लेकर कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। FIR में सरकारी आदेश की अवहेलना, निर्धारित मार्ग से हटकर प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, सरकारी काम में बाधा डालने और राहगीरों के साथ मारपीट व अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं।
FIR में पुलिस पदाधिकारियों के बयान के अलावा दो लोगों की शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। मामले में कई नामजद आरोपियों के साथ करीब 200 से 250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब घटना से जुड़े वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
तय रूट छोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने का आरोप
FIR के अनुसार, 21 अगस्त की शाम करीब 6:30 बजे मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से लगभग 200 से 250 लोग झंडे, बैनर और पुतला लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए निकले थे। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को पहले ही बताया गया था कि जुलूस के लिए अनुमति नहीं है और निर्धारित रूट का पालन किया जाना है।
आरोप है कि इसके बावजूद कुणाल कुमार और अन्य लोगों के नेतृत्व में भीड़ निर्धारित मार्ग जेल चौक से लाइन टैंक रोड की बजाय प्रतिबंधित VIP रूट की ओर बढ़ने लगी। इस मार्ग पर मुख्यमंत्री आवास और वरीय पुलिस अधीक्षक आवास भी स्थित है।
FIR के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और पुलिस के सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है।
राहगीरों से मारपीट और महिला से बदसलूकी का आरोप
FIR में जुलूस के दौरान आम राहगीरों के साथ मारपीट और अभद्रता के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अंकिता वर्मा की शिकायत के अनुसार, मेन रोड स्थित फिरायालाल के पास भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने उन्हें दूसरे गुट से जुड़ा होने का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। शिकायत में कपड़े फाड़ने और चोट पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। FIR के अनुसार, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर महिला को बचाया।
वहीं, आजाद बस्ती निवासी शाहबाज आलम ने अपने बयान में आरोप लगाया कि सरकार विरोधी नारे लगाए जाने को लेकर सवाल पूछने पर भीड़ में शामिल लोगों ने उनके और उनके दोस्त मोहम्मद कैफ के साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे से हमला किया गया तथा उनके कपड़े भी फाड़े गए। इसके बाद दोनों को पुलिस वाहन से सदर अस्पताल ले जाया गया।
इन लोगों को बनाया गया नामजद आरोपी
FIR में कुणाल कुमार, पीयूष, रविन्द्र पासवान, चण्डी तिवारी, सुमित शर्मा, चितरंजन कुमार, विवेक पंडित, सौरभ, वीरेंद्र प्रताप पटेल, जयराज, अकेन आनंद, विक्की भारती, अमीषा प्रसाद समेत एक अन्य अज्ञात महिला का नाम दर्ज है। इनके अलावा करीब 200 से 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। FIR के अनुसार, घटना से संबंधित वीडियो फुटेज भी पुलिस को मिले हैं। इन फुटेज की मदद से घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस के आरोपों की जांच जारी
गौरतलब है कि यह पूरी जानकारी कोतवाली थाना में दर्ज प्राथमिकी में दर्ज आरोपों और शिकायतों पर आधारित है। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
फिलहाल, JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के जुलूस के दौरान हुए हंगामे को लेकर FIR दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच तेज हो गई है। अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
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