Wednesday, September 9

रांची। क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर की लोनावला में करीब ₹70 करोड़ की जमीन खरीद इन दिनों चर्चा में है। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जानकारी के मुताबिक उन्होंने करीब 3.86 एकड़ जमीन तीन अलग-अलग कन्वेयंस डीड के जरिए खरीदी। सबसे बड़े 3.09 एकड़ के भूखंड के लिए करीब ₹63.69 करोड़ का भुगतान किया गया, जबकि बाकी दो संपत्तियों की कीमत करीब ₹4.56 करोड़ और ₹1.75 करोड़ बताई गई है।

बड़ी प्रॉपर्टी खरीद के बीच यह सवाल भी अहम है कि अगर कोई व्यक्ति रांची में जमीन खरीदना चाहता है तो उसे किन कानूनी बातों की जांच करनी चाहिए? जमीन खरीदना सिर्फ पैसे देकर रजिस्ट्री कराने का मामला नहीं है। जमीन के मालिकाना हक, खतियान, रजिस्टर-II, लगान, म्यूटेशन, जमीन की प्रकृति और उस पर किसी तरह के विवाद की जांच करना बेहद जरूरी है।

रांची में जमीन खरीदने से पहले ये 10 जांच जरूर करें

1. सबसे पहले जमीन का असली मालिक पता करें

जिस व्यक्ति से आप जमीन खरीद रहे हैं, वह वास्तव में उसका मालिक है या नहीं, यह सबसे पहली जांच होनी चाहिए। केवल विक्रेता द्वारा दिखाए गए कागज पर भरोसा न करें।

पुरानी सेल डीड, खतियान, रजिस्टर-II, म्यूटेशन रिकॉर्ड और लगान रसीद में दर्ज नामों का मिलान करें।

झारखंड सरकार ने भूमि एवं रजिस्ट्री रिकॉर्ड को डिजिटाइज किया है और ऑनलाइन म्यूटेशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई हैं।

2. खतियान और रजिस्टर-II जरूर देखें

रांची में जमीन खरीदते समय खाता नंबर, खेसरा नंबर, रकबा, मौजा और जमीन के मालिक का नाम सरकारी रिकॉर्ड से मिलाना बेहद जरूरी है।

झारखंड के JharSewa पोर्टल पर Know your Khata, Register-II, Khata/Register-II और Bhu-Naksha जैसी भूमि संबंधी सेवाएं उपलब्ध हैं।

3. जमीन का म्यूटेशन हुआ है या नहीं?

जिस व्यक्ति के नाम जमीन दिखाई जा रही है, उसके नाम पर दाखिल-खारिज/म्यूटेशन हुआ है या नहीं, यह जांचना जरूरी है।

रजिस्ट्री के बाद भी खरीदार को जमीन का म्यूटेशन और राजस्व रिकॉर्ड अपडेट कराने की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। झारखंड में रजिस्टर्ड डीड से जुड़ी Suo-Moto Mutation व्यवस्था भी लागू की गई है।

4. जमीन की प्रकृति जरूर जांचें

यह देखना बेहद जरूरी है कि जमीन कृषि, गैर-कृषि, सरकारी, खासमहल, वन भूमि या किसी अन्य श्रेणी में तो नहीं आती।

किसी जमीन का इस्तेमाल घर बनाने या व्यावसायिक गतिविधि के लिए किया जा सकता है या नहीं, इसकी भी पुष्टि करें।

5. जमीन पर कोई विवाद या मुकदमा तो नहीं?

जमीन खरीदने से पहले यह पता करें कि उस पर किसी व्यक्ति का दावा, कोर्ट केस, पारिवारिक विवाद या सरकारी कार्रवाई तो नहीं चल रही।

खासकर पुरानी जमीन में वारिसों और सह-स्वामियों के दावे की जांच करना बेहद जरूरी है।

6. पुरानी रजिस्ट्री की पूरी चेन देखें

सिर्फ वर्तमान विक्रेता की रजिस्ट्री देखना पर्याप्त नहीं है।

जमीन पहले किसके नाम थी, फिर किसके नाम ट्रांसफर हुई और वर्तमान मालिक तक उसका मालिकाना हक कैसे पहुंचा—इसकी पूरी Title Chain की जांच कराएं।

7. जमीन का नक्शा और वास्तविक जमीन मिलाएं

कागज में जितनी जमीन दर्ज है, मौके पर भी उतनी ही जमीन है या नहीं, इसकी जांच करें।

खाता, खेसरा और रकबा का मिलान सरकारी नक्शे और जमीन की वास्तविक स्थिति से करें। JharSewa पर Bhu-Naksha संबंधी सुविधा उपलब्ध है।

8. रास्ता और जमीन की सीमा पहले तय करें

कई बार जमीन खरीदने के बाद रास्ते को लेकर विवाद सामने आता है।

इसलिए रजिस्ट्री से पहले यह देखें कि प्लॉट तक कानूनी और व्यावहारिक रास्ता है या नहीं। आसपास की जमीन और चारों सीमाओं की भी जांच करें।

9. रजिस्ट्री से पहले वकील से Title Verification कराएं

बड़ी रकम देने से पहले किसी अनुभवी प्रॉपर्टी वकील से सभी दस्तावेजों की जांच करवाना सबसे सुरक्षित कदम है।

वकील से खास तौर पर यह पता करवाएं कि जमीन पर किसी तीसरे व्यक्ति का अधिकार, बंधक, विवाद या पुराना दावा तो नहीं है।

10. रजिस्ट्री के बाद काम खत्म नहीं होता

रजिस्ट्री होने के बाद भी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को अपडेट कराना जरूरी है। झारखंड सरकार की ओर से ऑनलाइन म्यूटेशन और लगान भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अगर जमीन पर मकान या अन्य निर्माण करना है तो संबंधित स्थानीय निकाय से लागू नक्शा, निर्माण अनुमति और अन्य जरूरी मंजूरियों की भी जांच करनी होगी।

रांची में जमीन खरीदने का आसान तरीका

अगर आप रांची में जमीन खरीदने की योजना बना रहे हैं तो प्रक्रिया को मोटे तौर पर ऐसे समझ सकते हैं—

जमीन पसंद करें → मालिकाना हक की जांच → खतियान/रजिस्टर-II देखें → पुराने दस्तावेजों की जांच → जमीन की प्रकृति पता करें → विवाद/बंधक की जांच → नक्शा और जमीन का मिलान → वकील से Title Verification → बिक्री समझौता → स्टांप ड्यूटी व रजिस्ट्रेशन → रजिस्टर्ड डीड → म्यूटेशन/दाखिल-खारिज → लगान रिकॉर्ड अपडेट।

रांची में किसी जमीन को अंतिम रूप देने से पहले सरकारी रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान करना खास तौर पर जरूरी है। केवल ब्रोकर या विक्रेता की बात पर भरोसा करके एडवांस देना जोखिम भरा हो सकता है।

सबसे जरूरी बात

सचिन तेंदुलकर जैसी बड़ी प्रॉपर्टी खरीद की खबर भले ही सुर्खियां बनती हो, लेकिन आम खरीदार के लिए इससे सबसे बड़ी सीख यही है कि जमीन की कीमत से ज्यादा महत्वपूर्ण उसके कागजात और कानूनी स्थिति है।

रांची में जमीन खरीदने से पहले खतियान, रजिस्टर-II, म्यूटेशन, लगान रसीद, पुरानी रजिस्ट्री, जमीन की प्रकृति, नक्शा, रास्ता और किसी संभावित विवाद की जांच जरूर करें। बड़ी रकम का लेन-देन करने से पहले स्थानीय कानून के जानकार वकील से दस्तावेजों की जांच करवाना भी बेहतर है।

नोट: जमीन की कानूनी स्थिति हर प्लॉट और उसके रिकॉर्ड के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए यह सामान्य जानकारी है; किसी खास जमीन की खरीद से पहले संबंधित सरकारी रिकॉर्ड और योग्य संपत्ति कानून विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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