मोहनपुर चौक के पास मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई थी गला रेतकर हत्या, पुलिस ने बहादुर बागती को पकड़ा; चाकू और चप्पल बरामद
साहिबगंज। राधानगर थाना क्षेत्र के मोहनपुर चौक के पास रविवार सुबह हुई गौर चंद्र बागती की हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में मृतक के चचेरे भाई बहादुर बागती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में हत्या के पीछे आपसी रंजिश की बात सामने आई है।
गौर चंद्र बागती की हत्या उस समय की गई थी, जब वह रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। मोहनपुर चौक के पास मुख्य सड़क पर उनका खून से लथपथ शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी।
24 घंटे में बदली जांच की दिशा
हत्या के बाद शुरुआत में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि वारदात को किसने और किस वजह से अंजाम दिया। पुलिस टीम ने घटनास्थल की जांच के साथ मृतक के परिचितों, रिश्तेदारों और आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटाई।
जांच में पुलिस ने मानवीय साक्ष्यों के साथ तकनीकी इनपुट का सहारा लिया। इसी दौरान पुलिस को ऐसे सुराग मिले, जिनके आधार पर जांच की दिशा मृतक के चचेरे भाई बहादुर बागती की ओर गई।
इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आपसी रंजिश से जुड़े तथ्य सामने आए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मॉर्निंग वॉक के दौरान किया गया था हमला
गौर चंद्र बागती रोजाना सुबह टहलने के लिए निकलते थे। रविवार को भी वह घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान मोहनपुर चौक के पास उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया।
हमले में उनकी मौत हो गई और कुछ समय बाद सड़क से गुजर रहे लोगों ने उनका शव देखा। सूचना मिलने पर राधानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। घटनास्थल की जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। उस समय हत्या की वजह स्पष्ट नहीं थी और पुलिस कई संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही थी।
घटनास्थल से चाकू और चप्पल बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू और चप्पल बरामद किए हैं। इन सामानों को जांच में अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
पुलिस अब बरामद सामान और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। तकनीकी जांच से मिले इनपुट और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पहले अज्ञात हमलावरों की तलाश थी
हत्या के बाद शुरुआती तस्वीर में हमलावर अज्ञात था। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पूछताछ की और संभावित रास्तों तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई। उस समय हत्या का कारण भी साफ नहीं था।
अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस हत्या के पीछे की पूरी वजह और वारदात की परिस्थितियों को स्पष्ट करने पर है। पुलिस यह भी देख रही है कि हत्या की योजना कैसे बनी और आरोपी ने किस तरह वारदात को अंजाम दिया।
24 घंटे में गिरफ्तारी से जांच को मिली बड़ी सफलता
इस हत्याकांड में पुलिस के सामने चुनौती यह थी कि वारदात सुबह के समय सुनसान हिस्से में हुई थी और शुरुआत में किसी स्पष्ट आरोपी का नाम सामने नहीं आया था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों को जोड़ते हुए जांच को आगे बढ़ाया।
अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ रही है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार में पसरा था मातम
गौर चंद्र बागती की हत्या के बाद उनके परिवार में मातम का माहौल था। रोजाना की तरह सुबह घर से निकले गौर चंद्र के वापस नहीं लौटने की खबर ने परिवार को झकझोर दिया था। वहीं, अब चचेरे भाई की गिरफ्तारी के बाद परिवार के लिए इस हत्याकांड का एक अलग पहलू सामने आया है।
गौर चंद्र बागती किराना कारोबार के साथ जमीन की मापी का काम भी करते थे। उनकी हत्या के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी आक्रोश और चिंता देखने को मिली थी।
अब हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम पर होगी जांच
फिलहाल पुलिस ने बहादुर बागती को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आपसी रंजिश हत्या की वजह बताई गई है। हालांकि, हत्या से जुड़े पूरे घटनाक्रम, आरोपी की मंशा और वारदात की परिस्थितियों को लेकर जांच अभी जारी है।
रविवार को जिस हत्याकांड ने मोहनपुर चौक और आसपास के इलाके में सनसनी फैला दी थी, उसका पुलिस ने सोमवार को आरोपी की गिरफ्तारी के साथ अहम खुलासा किया है। अब पुलिस की जांच का अगला चरण हत्या के पीछे की पूरी वजह और वारदात की हर कड़ी को कानूनी साक्ष्यों के साथ स्थापित करने पर रहेगा।


