Wednesday, October 14

रांची। हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर रैली स्थल के “शुद्धिकरण” किए जाने के विरोध में शुक्रवार को रांची में कांग्रेस ने प्रदर्शन और सत्याग्रह किया। रांची जिला ग्रामीण कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मोरहाबादी स्थित रांची कॉलेज के सामने से जुलूस निकाला। विभिन्न नारों के साथ जुलूस बापू वाटिका पहुंचा, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “छुआछूत बंद करो, भेदभाव बंद करो”, “संविधान जिंदाबाद”, “बाबा साहेब अमर रहें”, “समानता जिंदाबाद”, “जातिवाद मुर्दाबाद” और “संविधान का सम्मान-देश का सम्मान” जैसे नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने सामाजिक समानता और भाईचारे का संदेश भी दिया।

‘शुद्धिकरण’ की घटना पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि हल्द्वानी की घटना को केवल एक राजनीतिक दल या नेता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद स्थल के “शुद्धिकरण” की बात सामने आना सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और सम्मान देता है। कांग्रेस ऐसी सोच का विरोध करती है, जो जाति या छुआछूत के आधार पर लोगों के बीच भेदभाव को बढ़ावा देती है।

कमलेश ने कहा कि झारखंड के विभिन्न जिलों में भी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा इस घटना के विरोध में प्रदर्शन और सत्याग्रह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों के समर्थन में है।

राजेश ठाकुर बोले- आधुनिक भारत में ऐसी सोच चिंताजनक

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि देश तकनीक और विकास के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है, लेकिन दूसरी ओर यदि किसी व्यक्ति के स्पर्श के बाद किसी स्थान को “अपवित्र” बताकर उसके शुद्धिकरण की बात की जाए तो यह समाज के सामने गंभीर सवाल खड़ा करता है।

उन्होंने कहा कि जाति और छुआछूत की मानसिकता को खत्म करना केवल राजनीतिक दलों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। संविधान में समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे के मूल्यों को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और इन्हें मजबूत करना जरूरी है।

नेताओं ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई

जिला कांग्रेस कमिटी अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा कि पार्टी हल्द्वानी की घटना के विरोध में पूरे राज्य में आवाज उठा रही है। उन्होंने इसे सामाजिक भेदभाव और असमानता की मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी सोच के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश पाल मुंजनी ने कहा कि समाज में छुआछूत की मानसिकता का बने रहना चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े संगठन संविधान में निहित मूल्यों के खिलाफ काम कर रहे हैं।

प्रदेश महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से संविधान और सामाजिक समानता के मुद्दे पर संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि देश को भेदभाव नहीं बल्कि भाईचारे और समानता की जरूरत है।

वहीं प्रदेश महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि संविधान हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान देता है। जाति, धर्म या विचारधारा के आधार पर किसी व्यक्ति के स्पर्श को अपवित्र मानना संवैधानिक भावना के विपरीत है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एससी प्रकोष्ठ अध्यक्ष केदार पासवान ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में समानता को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है।

‘भारत जोड़ो, नफरत छोड़ो’ का दिया संदेश

सत्याग्रह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “भारत जोड़ो, नफरत छोड़ो” का संदेश दिया और सामाजिक सद्भाव, समानता तथा संविधान के सम्मान का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में ग्रामीण कांग्रेस के प्रभारी रियाज अंसारी, विनय सिन्हा, रविंद्र सिंह, राज उरांव, गुलजार अहमद, शाहबीर लोहरा, तुलसी खरवार, कुशल उरांव, संजर खान, नीरज भोक्ता, मदन कुमार महतो, संजय मुंडा, कमिश्नर मुंडा, सलाम अंसारी, शहीद अंसारी, सतीश केशरी, विनोद साहू, विनोद सिंह, पूजा कच्छप, रुस्तम अंसारी और अजय साहू समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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