बोकारो: सड़क पर रहने वाले और भिक्षावृत्ति में संलग्न जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराने के लिए बोकारो जिला प्रशासन SMILE योजना के तहत पहल कर रहा है। योजना के माध्यम से ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और वैकल्पिक रोजगार से जोड़ने की तैयारी है।
इस संबंध में सोमवार को डीसी अजय नाथ झा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सर्वेक्षण और पुनर्वास की तैयारियों की समीक्षा की गई। डीसी ने निर्देश दिया कि सर्वेक्षण के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक और आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाए, ताकि उसकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
योजना के तहत बीमार लोगों को उपचार, बच्चों को शिक्षा और काम करने में सक्षम व्यक्तियों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और आजीविका के वैकल्पिक साधनों का लाभ दिलाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
बैठक में योजना के क्रियान्वयन के लिए गैर-सरकारी संस्था (NGO) के चयन और अनुमोदन की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। आवश्यक स्वीकृति के बाद राज्य सरकार के माध्यम से प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने तथा निर्धारित पोर्टल और ऐप के जरिए सर्वेक्षण शुरू करने पर चर्चा हुई।
डीसी ने प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया संवेदनशीलता के साथ पूरी की जाए, ताकि जरूरतमंदों को उनकी परिस्थितियों के अनुरूप सहायता मिल सके।
बैठक में उप विकास शताब्दी मजूमदार, एएमसी संजीव कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता, एडीएसएस सुचिता किरण, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
SMILE योजना के जरिए जिला प्रशासन का जोर जरूरतमंद लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर है।
