चतरा, 23 सितंबर 2026: TSPC सुप्रीमो ब्रजेश गंझू की वाराणसी में पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद अब प्रतिबंधित संगठन ने इसके विरोध में बंद का ऐलान किया है। संगठन की ओर से जारी बताए जा रहे एक हस्तलिखित पर्चे में मुठभेड़ को फर्जी करार दिया गया है। इसी के विरोध में 24 से 26 सितंबर तक बंद का आह्वान किया गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक बंद का असर चतरा समेत सात जिलों – हजारीबाग, पलामू, लातेहार, गढ़वा, लोहरदगा और गुमला में रहने की बात कही गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पर्चे को संगठन के जोनल कमांडर नथुनी के नाम से जारी बताया जा रहा है। इसमें ब्रजेश गंझू की मौत को लेकर पुलिस के दावे पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, पर्चे में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
एनकाउंटर को लेकर संगठन ने उठाए सवाल
ब्रजेश गंझू की मौत 20 सितंबर को वाराणसी के रामनगर इलाके में यूपी एटीएस के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान हुई थी। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें ब्रजेश गंझू घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिसकर्मियों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद ब्रजेश गंझू के परिवार की ओर से भी मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की गई थी।
अब TSPC की ओर से बताए जा रहे इस पर्चे में भी मुठभेड़ को फर्जी बताया गया है।
बंद के ऐलान के बाद पुलिस अलर्ट
संगठन की ओर से बंद के आह्वान के बाद चतरा समेत संबंधित जिलों में पुलिस और सुरक्षा बलों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। संवेदनशील और नक्सल प्रभावित इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ा रही हैं।
ब्रजेश गंझू की मौत के बाद TSPC के भीतर नेतृत्व को लेकर भी बदलाव की स्थिति बनी है। रिपोर्टों के मुताबिक, संगठन के प्रमुख चेहरों में से शशिकांत गंझू अब प्रमुख कमांडर के तौर पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में है।
फिलहाल पुलिस बंद के ऐलान को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में चौकसी बढ़ाकर स्थिति पर नजर रख रही है। वहीं, आम लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों से बचने की अपील की जा रही है।
इसे भी पढ़े – सहकारी समिति का प्रभार देने के बदले मांगे थे 28 हजार रुपये,शिकायत के बाद निगरानी ने किया रिश्वत मांगने का सत्यापन
