सड़क हादसे में हुई थी योग शिक्षक राजा वर्मा की मौत, शव भारत लाने में करीब 20 लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा
रांची: वियतनाम में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले रांची के किशोरगंज निवासी राजा वर्मा का पार्थिव शरीर तीन दिन बाद भी भारत नहीं लाया जा सका है। परिवार लगातार उनके शव के रांची पहुंचने का इंतजार कर रहा है। शव को भारत लाने में करीब 20 लाख रुपये का खर्च आने की बात सामने आई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना मुश्किल है। ऐसे में परिजनों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
राजा पिछले करीब एक साल से वियतनाम में काम कर रहे थे। योग शिक्षक के तौर पर काम करने वाले राजा परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी बड़ा योगदान देते थे। उनके पिता बिजली मिस्त्री हैं और राजा विदेश से पैसे भेजकर घर का खर्च चलाने में मदद करते थे। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
तीन दिन से घर में नहीं जला चूल्हा
राजा की मौत की खबर के बाद से परिवार सदमे में है। परिजनों के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से घर में खाना तक नहीं बना है। परिवार के लोग लगातार इस उम्मीद में हैं कि किसी तरह राजा का पार्थिव शरीर भारत लाया जाए, ताकि वे आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा देख सकें।
परिजनों का कहना है कि राजा की मौत का दुख तो है ही, लेकिन अब सबसे बड़ी चिंता उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की है। विदेश से शव मंगाने का खर्च परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर बताया जा रहा है।
सरकार से मदद की उम्मीद
परिवार ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से सहायता की अपील की है। परिजनों की मांग है कि राजा का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने में प्रशासनिक और आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाए।
परिवार का कहना है कि राजा घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाते थे और उनकी कमाई से परिवार का खर्च चलता था। अब परिवार चाहता है कि कम से कम अंतिम विदाई अपने घर की मिट्टी में हो और वे अपने बेटे का अंतिम संस्कार अपने हाथों से कर सकें।
राजा का परिवार अब सरकारी मदद की उम्मीद लगाए बैठा है। परिजनों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी यही है कि वियतनाम में रुका राजा का पार्थिव शरीर जल्द रांची पहुंचे।
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