Tuesday, September 22

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा घोषित 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 के परिणाम को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मामले में डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो भी खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर परीक्षा परिणाम में सामने आई कथित विसंगतियों की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराने तथा मुख्य परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की है।

20 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में विधायक जयराम महतो ने कहा है कि 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिससे अभ्यर्थियों के बीच असंतोष और अविश्वास का माहौल बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली पर पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और यदि समय रहते इनका समाधान नहीं किया गया तो लाखों युवाओं का भरोसा प्रभावित होगा।

वायरल OMR कॉपी की जांच की मांग

पत्र में सबसे प्रमुख मुद्दा एक वायरल OMR कार्बन कॉपी का उठाया गया है। विधायक ने दावा किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक OMR शीट में केवल 48 प्रश्नों के उत्तर अंकित दिखाई दे रहे हैं, जबकि उसी अभ्यर्थी को परीक्षा परिणाम में सफल घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

बिना हस्ताक्षर परिणाम जारी होने पर सवाल

जयराम महतो ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आयोग के कुछ सदस्यों के हस्ताक्षर और सहमति के बिना परीक्षा परिणाम जारी किया गया। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक और कानूनी विषय बताते हुए इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि यदि आयोग के किसी सदस्य ने परिणाम पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है तो उसके कारणों को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

कट-ऑफ अंक सार्वजनिक करने की मांग

विधायक ने आयोग द्वारा परिणाम के साथ श्रेणीवार कट-ऑफ अंक और प्राप्तांक सार्वजनिक नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व की परीक्षाओं में यह जानकारी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराई जाती रही है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया, जिससे पारदर्शिता पर संदेह पैदा हो रहा है। उन्होंने मांग की कि सभी श्रेणियों के कट-ऑफ अंक और मूल्यांकन प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए।

मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग

JPSC ने 25, 26 और 27 जुलाई 2026 को मुख्य परीक्षा आयोजित करने का कार्यक्रम घोषित किया है। विधायक का कहना है कि परिणाम जारी होने और मुख्य परीक्षा के बीच केवल 22 दिनों का समय दिया गया है, जो पूर्व की परंपरा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जब तक सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती और आयोग कट-ऑफ व अन्य जानकारी सार्वजनिक नहीं कर देता, तब तक मुख्य परीक्षा स्थगित रखी जानी चाहिए।

CBI जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

जयराम महतो ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पूरे चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र उच्च स्तरीय एजेंसी अथवा CBI से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, गोपनीयता भंग या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

पत्र के अंत में विधायक ने कहा कि यह मामला झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को न्याय, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए अभ्यर्थियों का विश्वास कायम रखने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। अब इस पत्र के सामने आने के बाद JPSC परीक्षा परिणाम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा और तेज होने की संभावना है।

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SURBHI SHIPRA is a news editor, content writer , and graphic designer with experience in digital journalism and online media . she specializes in editing news ,articles, content writing, fact-checking , and creating engaging digital content . Along with editorial work, She designs eye-catching graphic and YouTube thumbnails . She is committed to delivering accurate, informative , and reader- focused content with creativity and professionalism. currently working as a journalist at Jharkhand Digital

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