रातू में झखराटांड़ से टिपु टोला तक बन रही 3.5 किमी पीसीसी सड़क में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों ने जताया विरोध
रातू: लंबे इंतजार के बाद सड़क बननी शुरू हुई, तो ग्रामीणों को उम्मीद थी कि आने वाले दिनों में आवागमन की परेशानी दूर होगी। लेकिन झखराटांड़ से टिपु टोला तक बन रही करीब 3.5 किलोमीटर लंबी पीसीसी सड़क को लेकर अब ग्रामीणों ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और अगर इसी तरह काम हुआ, तो सड़क ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की ढलाई करीब चार इंच ही की जा रही है। सीमेंट की गुणवत्ता और उसकी मात्रा को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं। लोगों के मुताबिक, इस सड़क का शिलान्यास करीब तीन साल पहले हुआ था। काफी समय बाद निर्माण शुरू हुआ, लेकिन अब काम के तरीके को देखकर ग्रामीण नाराज हैं।
ग्रामीणों का एक बड़ा आरोप यह भी है कि पुरानी और जर्जर पीसीसी सड़क को तोड़कर नई सड़क बनाने के बजाय उसी के ऊपर दोबारा ढलाई की जा रही है। उनका कहना है कि इससे सड़क की मजबूती पर असर पड़ सकता है।
मौके पर नहीं दिख रहे इंजीनियर और संवेदक
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की निगरानी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि काम के दौरान न तो विभाग के इंजीनियर मौके पर नजर आते हैं और न ही संवेदक। ऐसे में मजदूरों के भरोसे ही काम चल रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, काम मनोज कुमार गुप्ता नाम के ठेकेदार ने लिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिलापट्ट नहीं होने से योजना की जानकारी भी नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर योजना का शिलापट्ट तक नहीं लगाया गया है। ऐसे में लोगों को यह पता नहीं चल पा रहा कि सड़क बनाने में कितनी राशि खर्च हो रही है, काम कब तक पूरा होना है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
अब ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क निर्माण की जांच कराने की मांग की है। वे चाहते हैं कि ढलाई की मोटाई, सीमेंट की मात्रा और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की तकनीकी जांच हो, ताकि यह साफ हो सके कि निर्माण तय मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं। ग्रामीणों ने गड़बड़ी की पुष्टि होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।


